नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की सहयोगी निषाद पार्टी ने एक बार फिर जातिगत आरक्षण की मांग को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है। पार्टी कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों में इस मुद्दे को सामने लाया गया है, जिसमें ओबीसी से एससी श्रेणी में शामिल करने की मांग की गई है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनकी मांग पर सकारात्मक कदम उठाएगी।
गौरतलब है कि संजय निषाद लंबे समय से अपने समुदाय से जुड़ी जातियों को अनुसूचित जाति (SC) वर्ग में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, भाजपा ने समय-समय पर इस मुद्दे पर समर्थन जरूर जताया है, लेकिन भाजपा के साथ करीब 6 वर्षों से जुड़े रहने के बावजूद अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह मुद्दा आगामी चुनाव में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है?
सरकार से आरक्षण लागू करने की मांग
संजय निषाद ने एक बार फिर से सरकार से संबंधित जातियों को आरक्षण देने की मांग दोहराई है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि केवट, मल्लाह, बिंद, रैकवार, बाथम और मांझी जैसी जातियों को पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से हटाकर मझवार जाति की तरह अनुसूचित जाति (SC) का आरक्षण दिया जाना चाहिए।
संजय निषाद के मुताबिक, इन जातियों की उपेक्षा के चलते 2024 के लोकसभा चुनाव में इन समुदायों ने नाराजगी जताते हुए भाजपा को वोट नहीं दिया, जिससे पार्टी को कई सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आगे कहा, “हम भाजपा के सहयोगी हैं और हमें भरोसा है कि भाजपा अपने मित्रों का ध्यान रखती है। इसलिए हमें उम्मीद है कि यह आरक्षण 2027 विधानसभा चुनाव से पहले लागू कर दिया जाएगा।” पार्टी कार्यालय के बाहर लगे आरक्षण संबंधी पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह जनता की भावनाओं को दर्शाते हैं और सरकार इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी।
‘कोटे में कोटा’ की मांग पर संजय निषाद का तंज
संजय निषाद ने ओम प्रकाश राजभर द्वारा उठाई गई “कोटे में कोटा” की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजभर समाज खुद अनुसूचित जाति (SC) में आरक्षण की मांग करता रहा है और उनकी पार्टी की स्थापना भी इसी उद्देश्य के साथ हुई थी। ऐसे में अब “कोटे में कोटा” की बात करना अपने ही समाज के हितों के खिलाफ जाना होगा।
संजय निषाद ने कहा, “राजभर को ऐसी मांग नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे उनके समाज को ही नुकसान हो सकता है। यह उनके समुदाय के साथ अन्याय होगा।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि निषाद पार्टी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी और भारतीय जनता पार्टी को जिताने के लिए रणनीतिक भूमिका निभाएगी।




