नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद आयुष्मान कार्ड योजना की शुरुआत की गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि राजधानी में 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 28,000 से अधिक वरिष्ठ नागरिक अब तक इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इस स्वास्थ्य योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र सरकार की ओर से 5 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरके पुरम विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए एक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देती है, जबकि दिल्ली सरकार इसमें अतिरिक्त 5 लाख रुपये जोड़कर कुल 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए।
CM रेखा गुप्ता ने बताई कार्ड बनाने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 28 अप्रैल को आयुष्मान योजना की शुरुआत के बाद से महज पांच दिनों में 28,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने प्रक्रिया को सरल बताते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदकों को केवल अपना आधार कार्ड और मोबाइल फोन साथ ले जाना होगा। इन दस्तावेजों के आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड मौके पर ही तैयार कर दिया जाएगा। अतिरिक्त किसी कागज की आवश्यकता नहीं होगी।
सीएम रेखा ने किए आयुष्मान कार्ड वितरित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ‘आयुष्मान वय वंदना योजना’ के तहत राजधानी के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करेगी, क्योंकि बुजुर्गों का आशीर्वाद सरकार के लिए अत्यंत मूल्यवान है। उन्होंने योजना को विश्व स्तर पर अद्वितीय बताते हुए इसे बुजुर्गों की गरिमा और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मोबाइल पंजीकरण वैन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट सहयोगी मनजिंदर सिंह सिरसा और स्थानीय विधायक अनिल शर्मा के साथ मिलकर कुछ वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड भी प्रदान किए, जिससे वे नामित अस्पतालों में कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।
गौरतलब है कि ‘आयुष्मान वय वंदना योजना’ भाजपा की दिल्ली में सत्ता में वापसी का प्रमुख कारण भी बनी है। यही वजह है कि पार्टी इस योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी नहीं होने देना चाहती।




