नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हर तरफ इस घटना की निंदा हो रही है। राजधानी दिल्ली में भी व्यापारी आतंकी हमले के विरोध में एकजुट हो गये हैं। दिल्ली व्यापार संघ विरोध स्वरूप दुकानें बंद रखने का फैसला लिया है। वहीं, दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने बताया कि दिल्ली के सभी व्यापारी पीड़ित परिवार के साथ हैं। इस आतंकी घटना के विरोध में एक दिन के लिए दिल्ली में दुकानों को भी बंद किया जाएगा।
पहलगाम हमले के बाद दिल्ली के व्यापारियों ने चांदनी चौक में बैठक कर यह फैसला लिया है। यह बैठक 132 साल पुरानी संस्था ‘दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्कन्टाइल एसोसिएशन’ के बैनर तले आयोजित की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि 25 अप्रैल को चांदनी चौक, सदर बाजार और आसपास के बाजार बंद रखकर आतंकी घटना में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, शाम 6 बजे व्यापारी हाथ में मोमबत्ती लेकर चांदनी चौक के टाउन हॉल घंटाघर से लाल किला तक कैंडल मार्च निकालकर शोक जाहिर करेंगे और घटना के प्रति अपनी नाराजगी जताएंगे। बता दें कि बैठक में बड़े-बड़े व्यापारी शामिल हुए थे। जिसमें देवराज बवेजा, अजय शर्मा, परमजीत सिंह, हेमंत गुप्ता और प्रमोद अग्रवाल आदि मौजूद थे। इन सभी ने हमले की निंदा की और सरकार से आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘व्यापारी समाज देशहित में हर कदम पर सरकार के साथ’
दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने कहा कि निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह एक अमानवीय कृत्य है, जिसकी हम घोर निंदा करते हैं। देश के व्यापारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। हम अपने आक्रोश और एकता को व्यक्त करने के लिए दिल्ली में एक दिन का व्यापारिक बंद करेंगे। यह बंद सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि यह संदेश है कि व्यापारी समाज देशहित में हर कदम पर सरकार के साथ है।”
“यह एक हमला नहीं, देश की अखंडता और शांति पर सीधा प्रहार है”
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि यह घटना केवल एक हमला नहीं है, बल्कि हमारे देश की अखंडता और शांति पर सीधा प्रहार है। हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते और न ही खामोश रहेंगे। व्यापारी समाज इस बर्बरता का सख़्त विरोध करता है और अपने स्तर पर हर जरूरी कदम उठाएगा।”
पहलगाम हमले के बाद से दिल्ली के बाजारों में न सिर्फ खामोशी पसरी है, बल्कि एक गहरा आक्रोश भी महसूस किया जा सकता है। व्यापारियों के लिए रोजगार से बढ़कर अब देश की गरिमा और सुरक्षा प्राथमिकता बन चुकी है। यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उनकी नाराजगी का प्रमाण है। हर किसी की जुबां पर एक ही आवाज है ‘आतंकवाद का खात्मा करो, देश की रक्षा करो।'”





