नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है, फिलहाल आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है। इस चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी चुनावी मैदान में उतर आई है। वहीं AIMIM ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को टिकट दिया है। वह मुस्तफाबाद सीट से चुनावी मैदान में है। आज यानी मंगलवार को हुसैन के परिवार ने AIMIM चीफ ओवैसी से मुलाकात की है।
ओवैसी ने एक्स हैंडल (पूर्व ट्वीटर) पर ताहिर हुसैन को लेकर जानकारी साझा की है, उन्होंने लिखा, MCD पार्षद ताहिर हुसैन AIMIM में शामिल हो गए हैं आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में वो मुस्तफाबाद सीट से उम्मीदवार होंगे। उनके परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने आज मुझसे मुलाकात की और पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया।
बता दें कि, दिल्ली की एक कोर्ट ने 2020 के दंगों मामलों में इसी साल मई में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत दे दी है। बेल देते हुए कोर्ट ने कहा, इसमें उनकी भूमिका ‘दूरस्थ प्रकृति की’ थी और वह पहले ही तीन साल से जेल में बंद है। हालांकि ताहिर हुसैन अभी भी सलाखों के पीछे ही रहेंगे क्योंकि उनके खिलाफ दंगों के कई अन्य मुदकमें दर्ज है।
कोर्ट ने ताहिर को लेकर क्या कहा-
दिल्ली में फरवरी 2020 को हुइ दंगों में भारी नुकसान हुआ था, उसमे कई दुकानों में तोड़फोड़ और आग लगा दी गई थी। इस पूरे मामले में ताहिर के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया था। कोर्ट ने कहा कि 25,000 रुपये मुचलके और जमानती बॉन्ड भरना होगा, और इतनी ही राशि की जमानत राशि जमा करने पर जमानत दी जाए। जमानत की अन्य शर्तों में यह भी शामिल है कि वह देश नहीं छोड़ेंगे।
सांप्रदायिक दंगों के 5 मामलों में पहले ही राहत मिल चुकी है
कोर्ट ने कहा है कि, इस मामले में ताहिए हुसैन की भूमिका कथित तौर पर भड़काने वाले और साजिशकर्ता की है। भले वह मौजूदा भीड़ के हिस्सा नहीं थे, जिसने दुकान पर हमला किया था। कोर्ट ने कहा कि आवेदक की भूमिका और हिरासत में बिताए गए समय (लगभग 3 साल और 11 महीने) को ध्यान में रखते हुए हमारा मानना है कि आवेदक इस मामले में जमानत का हकदार है। ताहिर को सांप्रदायिक दंगों के 5 मामलों में पहले ही राहत मिल चुकी है।





