नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की कस्टोडियल डेथ से जुड़े मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सेंगर की 10 साल की सजा को सस्पेंड करने और जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। इस मामले में जस्टिस रविंदर डुडेजा ने सेंगर की याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट ने सजा सस्पेंड करने से किया इनकार
कोर्ट ने कहा कि कुलदीप सेंगर ने भले ही अपनी 10 साल की सजा में से करीब 7.5 साल जेल में बिता लिए हों, लेकिन उनकी अपील पर सुनवाई में हुई देरी के लिए वह खुद भी जिम्मेदार हैं। जज के मुताबिक, सेंगर की ओर से कई बार अलग-अलग अर्जियां दायर की गईं, जिससे मामले में देरी हुई। ऐसे में सजा सस्पेंड करने का कोई आधार नहीं बनता। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा के बाद ऐसा कोई नया तथ्य या बदलाव सामने नहीं आया है, जिससे कोर्ट सेंगर के पक्ष में राहत दे सके। कोर्ट ने सेंगर के आपराधिक रिकॉर्ड, अपराध की गंभीरता और पूरे मामले के हालात को देखते हुए कहा कि इस स्तर पर सजा सस्पेंड करना उचित नहीं होगा। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ हफ्ते पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई थी, जिसमें 2017 के रेप केस में कुलदीप सेंगर को दी गई उम्रकैद की सजा को सस्पेंड किया गया था।
जून 2024 में भी कोर्ट ने अर्जी कर दी थी खारिज
गौरतलब है कि उन्नाव रेप पीड़िता के पिता को कुलदीप सेंगर के कहने पर गिरफ्तार किया गया था। 9 अप्रैल 2018 को पुलिस हिरासत में उनके साथ कथित तौर पर बर्बरता की गई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस मामले में मार्च 2020 में दिल्ली की एक अदालत ने कुलदीप सेंगर और अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए यह भी कहा कि सजा सस्पेंड करने के बजाय अपील पर अंतिम फैसला करना ही सही तरीका है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सेंगर की अपील को मेरिट के आधार पर सुना जाएगा और इस पर जल्द सुनवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले जून 2024 में भी दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की ऐसी ही एक याचिका खारिज कर दी थी। उस समय कोर्ट ने कहा था कि अपराध की गंभीरता, उसका स्वरूप, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड और न्यायपालिका पर जनता के भरोसे को देखते हुए सेंगर किसी भी तरह की राहत का हकदार नहीं है। कुलदीप सेंगर 13 अप्रैल 2018 से जेल में बंद है और फिलहाल कस्टोडियल डेथ केस में 10 साल की सजा काट रहा है।




