नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में क्यों लागू नहीं कर रही है। हाईकोर्ट ने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फटकार भी लगाई है। चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि यह “अजीब” है कि दिल्ली सरकार केंद्र की सहायता स्वीकार नहीं कर रही है, जबकि उसके पास स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए “पैसे नहीं” हैं। दरअसल, भाजपा के सात सांसदों ने आप सरकार को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) लागू करने का निर्देश देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है।
उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है
बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली के भाजपा सांसदों ने याचिका लगाई थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली एकमात्र केंद्र शासित प्रदेश है, जहां वंचितों के लिए लाभकारी स्वास्थ्य सेवा योजना अभी तक लागू नहीं हुई है, जिससे वे 5 लाख रुपये की आवश्यक स्वास्थ्य कवरेज से वंचित हैं। इस पर उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली वासियों में जरूरतमंदों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर देने वाली पीएम-जेएवाई से क्यों दूर रखा है और राज्य में लागू करने के लिए, जो दुनिया की सबसे बड़ी योजना है, अब तक क्यों पहल नहीं की गई है । क्या आप सरकार अपने राजनीतिक हितों के कारण लोगों को इस लाभ से दूर रख रही है?
अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के सभी सात भाजपा सांसदों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है और उससे कई बिन्दुओं में जानकारी मांगी है, जिसकी कि अगली सुनवाई 11 दिसंबर, 2024 के लिए निर्धारित की गई है। याचिका में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी- पीएमजेएवाई ) के कार्यान्वयन के लिए निर्देश देने की मांग की गई है । मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम अरोड़ा की पीठ ने मामले को स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे से संबंधित अन्य चल रहे मामलों से जोड़ा है।
इस पहल पर आमआदमी सरकार को नोटिस इश्यू किया है।
दिल्ली के लोगों के हितों की बलि दे रही है ‘आप’ सरकार – सांसद बांसुरी स्वराज
ऐसे में सांसद बांसुरी स्वराज ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी- पीएमजेएवाई) को देश में कई राज्य सरकारों ने अपने यहां लागू कर रखा है, जिसका कि लाभ आम लोगों को वहां रहते मिल रहा है, जबकि दिल्ली देश की राजधानी होने के बाद भी योजना यहां लागू नहीं की गई है । वास्तव में ऐसा कर अरविन्द केजरीवाल की सरकार दिल्ली के लोगों के हितों की बलि दे रही है । मैं दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने दिल्ली के लोगों के हितों की रक्षा करने की इस पहल पर आमआदमी सरकार को नोटिस इश्यू किया है।
उसे तुरंत यह योजना दिल्ली में लागू करना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता, सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी की नेता स्वराज ने सभी याचिकाकर्ता सांसदों का प्रतिनिधित्व करते हुए तर्क दिया कि इस योजना को दिल्ली में लागू नहीं किए जाने का अर्थ है इसके कवरेज तक आसान और कुशल पहुंच से जरूरी लोगों को वंचित किया जाना। इस कवरेज का उद्देश्य व्यक्तियों को सूचीबद्ध सार्वजनिक और निजी अस्पतालों के व्यापक नेटवर्क में माध्यमिक और तृतीयक देखभाल अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित भयावह खर्चों से बचाना है। उन्होंने कहा है कि इसलिए बिना देरी के आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए जरूरी हो जाता है कि उसे तुरंत यह योजना दिल्ली में लागू करना चाहिए।




