नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद से जांच एजेंसियां पूरी तरह एक्शन में हैं। अब इसी जांच के दौरान फरीदाबाद से लेकर जम्मू-कश्मीर तक फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। अब तक इस नेटवर्क से 7 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है जिनमें डॉक्टरों के साथ-साथ मौलवी भी शामिल हैं।
इरफान अहमद की गिरफ्तारी से खुला नया मोर्चा
जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में एक नाम इरफान अहमद का भी है, जो कोई डॉक्टर नहीं बल्कि मौलवी है। इरफान जम्मू-कश्मीर के शोपियां इलाके का रहने वाला है और उसे वहीं से गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं, जिनसे धार्मिक संस्थानों के जरिए फैलाए जा रहे आतंकी नेटवर्क की जानकारी मिली है।
फरीदाबाद मॉड्यूल में 7 गिरफ्तारियां, एक और मौलवी से पूछताछ जारी
फरीदाबाद से पकड़े गए 7 संदिग्धों में इरफान अहमद भी शामिल है। इसके अलावा, हरियाणा के फरीदाबाद से मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक इश्तियाक से मिली जानकारी से जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग मिले हैं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर शिकंजा कस दिया है। एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी के छात्रों, स्टाफ और प्रिंसिपल से पूछताछ की है। गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल के करीब 52 परिचितों से भी पूछताछ की गई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यूनिवर्सिटी परिसर से किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि संचालित हो रही थी।
दिल्ली धमाके के बाद बढ़ी सर्च ऑपरेशन की रफ्तार
10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया था।
इसके बाद NIA, IB, और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कई राज्यों में छापेमारी तेज कर दी। इसी सिलसिले में फरीदाबाद, सहारनपुर और श्रीनगर में संयुक्त अभियान चलाया गया, जहां से कई संदिग्ध पकड़े गए। जांच अधिकारियों का कहना है कि इरफान अहमद से पूछताछ के बाद कुछ नए नाम और ठिकाने सामने आए हैं।
इनके जरिए एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क विदेशी फंडिंग से जुड़ा है या नहीं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि धार्मिक संस्थानों और सोशल नेटवर्किंग ऐप्स के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब उत्तर भारत के कई राज्यों में इस नेटवर्क के तार तलाश रही हैं। फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर के बीच संदिग्धों की नियमित बातचीत और ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।





