नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। हाल ही में हुए चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी ने हरियाणा में नए विधायक दल के नेता की नियुक्ति में देरी की है। कांग्रेस ने कहा है कि महाराष्ट्र और झारखंड चुनावों के बाद ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा। नई विधानसभा के पहले सत्र से पहले कांग्रेस ने उम्मीद जताई थी कि हार के बाद जल्दी ही विधायक दल के नए नेता की नियुक्ति होगी लेकिन पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चुनावों में व्यस्त था जिससे फैसला नहीं हो सका।
हार के कारणों की समीक्षा
कांग्रेस की हार के पीछे पार्टी के भीतर गुटबाजी और बागियों का होना मुख्य कारण माना जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला जैसे वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद साफ नजर आए। इसके अलावा पार्टी ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया था हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने चुनाव के दौरान कुछ जगहों पर EVM के 99 प्रतिशत चार्ज होने की शिकायत की थी। इसके बाद पार्टी ने एक पैनल गठित किया जो हार के कारणों की जांच कर रहा है।
विधायक दल के नेता के नाम को लेकर चर्चा
कांग्रेस के AICC प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि विधायक दल के नेता का नाम जल्द ही घोषित किया जाएगा। हालांकि, महाराष्ट्र और झारखंड चुनावों के चलते इसमें कुछ देरी हो रही है।
भूपेंद्र हुड्डा पिछले 10 साल से विधायक दल के नेता हैं लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब कांग्रेस नए चेहरों को भी मौके दे सकती है। पार्टी हरियाणा इकाई में सुधार के लिए नए राज्य अध्यक्ष और नेताओं पर विचार कर सकती है।
भविष्य में क्या होगा?
कांग्रेस को उम्मीद है कि हार के कारणों की समीक्षा और नए नेताओं की नियुक्ति के बाद पार्टी हरियाणा में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगी।





