नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मुंबई के विरार इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। विजय नगर के रामाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे से ठीक 5 मिनट पहले जॉयल परिवार अपनी मासूम बेटी उत्कर्षा का पहला बर्थडे मना रहा था। केक काटा, फोटो खींची गईं और रिश्तेदारों को भेजी गईं। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद पूरा घर मलबे में बदल गया। इस हादसे में मासूम उत्कर्षा और उनकी मां आरोही की मौत हो गई, जबकि पिता ओंकार अब तक लापता हैं।
15 लोगों की मौत, कई घायल
अब तक इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग घायल हैं जिन्हें विरार और नालासोपारा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन की दो टीमें, वसई-विरार महानगरपालिका और स्थानीय पुलिस लगातार राहत-बचाव अभियान चला रही हैं। 30 घंटे से ज्यादा वक्त बीत चुका है लेकिन मलबा हटाने का काम अब भी जारी है।
स्थानीय लोगों ने दिखाई हिम्मत
एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए 7 लोगों को मलबे से जिंदा निकाल लिया। इनमें से कुछ को हल्की चोटें आईं।
अवैध निर्माण पर फिर उठे सवाल
विरार और वसई इलाके में अवैध और अनधिकृत इमारतों का जाल लगातार फैल रहा है। हादसे के बाद फिर से प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिर्फ 15 दिन पहले भी इसी इलाके में अवैध निर्माण की वजह से दो मजदूरों की मौत हुई थी। इसके बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
बिल्डर और जमीन मालिक पर केस दर्ज
विरार पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार बिल्डर नितल गोपीनाथ साने और जमीन मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। केस महाराष्ट्र प्रादेशिक नगररचना अधिनियम की धारा 52, 53, 54 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह हादसा सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे शहर के लिए बड़ा सबक है कि अवैध निर्माण किस तरह लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं।




