नयी दिल्ली| दिल्ली उच्च न्यायालय में मंगलवार को दो एनजीओ की ओर से दलील दी गई कि वैवाहिक बलात्कार का अपराधीकरण विवाह संस्था को अपवित्र नहीं करेगा, बल्कि पति द्वारा जबरन संबंध बनाने को माफ किये जाने से इसकी पवित्रता का क्षरण हुआ है। याचिकाकर्ता एनजीओ आरआईटी फाउंडेशन और ऑल क्लिक »-www.prabhasakshi.com





