नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । मंगलवार, 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले, गैर-NDA और गैर-इंडिया गठबंधन के राजनीतिक दल धीरे-धीरे अपने रुख और रणनीतियों का खुलासा करने लगे हैं। दक्षिण भारत के तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के दलों को अपने समर्थन में लाने की दोनों गठबंधनों की कोशिशों के बीच, दो तटस्थ दल बीजू जनता दल (BJD) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) संभावित रूप से मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे। ये दल दोनों गठबंधनों से बराबरी की दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP ने उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी सांसद अयोध्या रामी रेड्डी ने इस निर्णय की आधिकारिक पुष्टि की, जिससे इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका लगा है।
फिलहाल, जगनमोहन रेड्डी की YSRCP किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। इसके बावजूद पार्टी ने अपने पुराने राज्य के निवासी और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी का समर्थन नहीं करने का निर्णय लिया है। वहीं, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करने का ऐलान किया है।
BJD और BRS का अंतिम फैसला बाकी
BJD और BRS के सूत्रों का कहना है कि पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व कल मतदान से पहले आखिरी निर्णय लेगा। फिलहाल, उनकी रणनीति यही है कि इस चुनाव में तटस्थ रहना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
जानकारी के अनुसार, एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन अपने प्रतिद्वंदी, संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी पर स्पष्ट बढ़त बनाए हुए हैं। राधाकृष्णन को 439 सांसदों का समर्थन मिला है, जबकि सुदर्शन रेड्डी को 324 सांसदों का समर्थन प्राप्त है।
विपक्ष ने इसे वैचारिक लड़ाई बताया
मंगलवार (9 सितंबर) को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ NDA गठबंधन के उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों ही उम्मीदवार दक्षिणी राज्य से आते है ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव को विपक्ष ने वैचारिक लड़ाई बताया है, जबकि संख्याबल सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में है।
मतदान सुबह 10 से शुरु, शाम 5 बजे खत्म
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए जानकारी देते हुए निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान मंगलवार को संसद भवन के कमरा संख्या एफ-101, वसुधा में होगा। मतदान 9 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे समाप्त होगा।
मतगणना उसी दिन शाम 6 बजे शुरू होगी
उन्होने कहा कि, भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सदस्य भाग लेंगे। राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी निर्वाचक मंडल में भाग लेने के पात्र हैं और इसलिए, चुनाव में शामिल के हकदार हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मतगणना उसी दिन शाम 6 बजे शुरू होगी और उसके तुरंत बाद परिणाम घोषित किये जाएंगे।
निर्वाचक मंडल में कुल 788 सदस्य
17वें उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में शामिल हैं: राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में 5 सीटें रिक्त), राज्यसभा के 12 मनोनीत सदस्य, और लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में 2 सीट रिक्त)। इस तरह कुल 788 में से वर्तमान में 781 सदस्य मतदान के लिए उपस्थित हैं।





