नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। देशभर में एक बार फिर से कोरोना वायरस के केस बढ़ने लगे हैं और अब उत्तराखंड में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। देहरादून में दो महिलाओं और 2 डॉक्टर के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
बेंगलुरु से लौटी डॉक्टर संक्रमित
एम्स ऋषिकेश की एक डॉक्टर, जो हाल ही में कर्नाटक के बेंगलुरु से लौटी थीं, उनका कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया है। डॉक्टर की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें उनके घर में आइसोलेट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संपर्क में आए लोगों की पहचान) शुरू कर दी है। वहीं, गुजरात से आई एक महिला, जो देहरादून में एक धार्मिक आयोजन में शामिल हुई थी, उसे तेज बुखार और अन्य लक्षणों के चलते जांच के लिए अस्पताल लाया गया। जांच में उसके कोविड पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। महिला की तबीयत बिगड़ने के कारण उसे एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
इन मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने और स्पेशल कोविड वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। इस समय उत्तराखंड में चारधाम यात्रा चल रही है और देशभर से हजारों श्रद्धालु यहां आ रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि अब तक सरकार की ओर से कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है।
देश में अब तक 257 नए मामले
देशभर में कोविड-19 के अब तक 257 नए मामले सामने आए हैं। इनमें महाराष्ट्र में 26, गुजरात में 15, और हरियाणा में 3 मामले दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सामने आया JN.1 वेरिएंट पहले की तुलना में कम गंभीर है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है लेकिन सावधानी जरूरी है। हालांकि संक्रमित मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं, फिर भी सतर्कता जरूरी है। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़भाड़ से बचना अभी भी बेहतर उपाय हैं। स्वास्थ्य विभाग आम लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखने पर जांच कराने की अपील कर रहा है। उत्तराखंड में कोविड के नए मामलों ने एक बार फिर से लोगों को सतर्क कर दिया है। चारधाम यात्रा और बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों की वजह से संक्रमण के फैलने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में जनता को घबराने की बजाय सजग रहने की जरूरत है।





