नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगा महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ पर राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर सड़क से लेकर संसद तक बयानबाजी जारी है। आज संसद में इस मुद्दे पर जमकर बहस हुई, अब इस घटना पर सियासत भी जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने विवादित बयान दिया है। सपा सांसद ने संसद परिसर में मीडिया वालो से बता करते हुए उन्होंने ने कुंभ के पानी को देश का सबसे ज्यादा गंदा पानी बताया है।
सपा सांसद जया बच्चन ने आज संसद परिसर में कहा, इस समय जलशक्ति विभाग गंदे पानी पर चर्चा कर रहा है। इस समय पानी सबसे ज़्यादा प्रदूषित है तो वह है कुंभ में, वहां (भगदड़ में मरने वालों के) शव गंगा नदी में फेंके गए हैं, जिसके कारण पानी और भी प्रदूषित हो गया है। मेन टॉपिक पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, लाशें गंगा में फेंक दी गईं और वहीं पानी लोगों तक आ रहा है।
कुंभ में आने वाले लोगों के लिए कोई विशेष सुविधा नहीं
उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने कहा ‘कुंभ मेले में आने वाले लोगों ओर श्रद्धालुओं को सरकार की तरफ से कोई विशेष सुविधा नहीं मिल रही है। उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। भगदड़ में मारे जा चुके शवों के आंकड़ो को ‘जया बच्चन ने झूठा बताया, और योगी सरकार पर मौत की संख्या छिपाने का आरोप लगाया
देश के लोगों को कुंभ की सच्चाई बताओं- जया बच्चन
सांसद ने VIP कल्चर पर भी सवाल उठाया है,उनका कहना है कि, कुंभ में VIP लोग को विशेष सुविधा मुहैया करवाया जा रहा है। उनको स्पेशल ट्रीटमेंट मिलता है, उनकी तस्वीरें आती हैं। लेकिन दूर-दूर से गरीब लोग कुंभ में आस्था की डुबकी लगाने जाते है उनके लिए कोई सुविधा नही है, उन गरीब लेागों की कोई सहायता नही है, कोई व्यवस्था नहीं है। कंटैमिनेटिड पानी सबसे दूषित पानी है जिस पर आप मांग कर रहे हैं। अरे सच बताओ, लोगों को बताओ कि कुंभ में क्या हुआ? पूरे सदन को बताओं की यह घटना कैसे हुई है। कितने लोगों ने अपनी जान दी है। कृपया देश के लोगों को महाकुंभ में हुई घटना के बारे में सच्चाई बताना चाहिए।
भगदड़ मामले पर सदन में हंगामा
वही जया बच्चन के इस बयान से सियासत ऊफान आ गया है, ओर इस विवादित बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है। दूसरी ओर महाकुंभ में हुई भगदड़ पर आज संसद में विपक्षी दलों ने चर्चा कराए जाने की मांग करते रहे, इस बीच सदन में भारी हंगामा किया गया। आसन की ओर से उनकी मांग खारिज कर दी गई, बाद में उन्होंने पहले शून्यकाल और फिर प्रश्नकाल के दौरान सदन से वाकआउट कर दिया। बता दें कि, मौनी अमावस्या के दिन भारी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में पहुंचे थे और इसी दौरान भगदड़ मच गई थी। ओर इस भगदड़ में कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी।




