back to top
26.1 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

राष्ट्रीय मुद्दों पर चिंतन शिविर, सार्थक आत्मनिरीक्षण : सोनिया (लीड-1)

उदयपुर, 13 मई (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन करते हुए देश में जारी हिंसा और अन्य समस्याओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर उन कई चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर देगा, जिनका सामना देश आज भाजपा और आरएसएस और उसके सहयोगियों की नीतियों के परिणामस्वरूप कर रहा है। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, इसलिए यह राष्ट्रीय मुद्दों के बारे में चिंतन और हमारे पार्टी संगठन के बारे में एक सार्थक आत्म-चिंतन दोनों है। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार का अर्थ है खाली नारे, भटकाव की रणनीति और हमेशा की तरह प्रधानमंत्री की चुप्पी। अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके सहयोगियों का वास्तव में उनके बार-बार दोहराए जाने वाले नारे से क्या मतलब है : अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार। इसका मतलब देश को हमेशा ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखना, हमारे लोगों को निरंतर भय और असुरक्षा की स्थिति में रहने के लिए मजबूर करना। इसका मतलब अल्पसंख्यकों को शातिर तरीके से निशाना बनाना, पीड़ित करना और अक्सर क्रूरता करना, जो हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और हमारे गणतंत्र के समान नागरिक हैं। इसका मतलब है कि हमारे समाज की सदियों पुरानी बहुलताओं का उपयोग करे हमें विभाजित करना और विविधता में एकता के विचार को नष्ट करना है। गांधी ने मोदी शासन पर राजनीतिक विरोधियों को धमकाने और डराने, उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने, उन्हें झूठे बहाने से जेल भेजने, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने और लोकतंत्र के सभी संस्थानों की स्वतंत्रता और व्यावसायिकता को खत्म करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने इतिहास का पुनर्निर्माण, हमारे नेताओं, विशेष रूप से जवाहरलाल नेहरू की निरंतर बदनामी और उनके योगदान, उपलब्धियों और बलिदानों को विकृत करने, अस्वीकार करने और नष्ट करने और महात्मा गांधी और उनके हत्यारों का महिमामंडन करने के लिए कदम को लेकर भी प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हमारे देश के संविधान के सिद्धांतों और प्रावधानों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता के अपने स्तंभों को कमजोर करने में जुटी है। वे कमजोर वर्गों, विशेष रूप से दलितों, आदिवासियों और महिलाओं पर देश भर में जारी अत्याचारों से आंखें मूंद रहे हैं। संविधान में सन्निहित हमारी मूल्यों को कम करना ही अब गंभीर खतरे में नहीं है। नफरत और कलह की आग ने लोगों के जीवन पर भारी असर डाला है। इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो रहे हैं। कांग्रेस प्रमुख ने रेखांकित किया कि जहां अधिकांश भारतीय शांति, सौहार्द और सद्भाव के माहौल में रहना चाहते हैं, वहीं भाजपा, उसके साथी और सरोगेट हमारे लोगों को हमेशा के लिए उन्माद और संघर्ष की स्थिति में रखना चाहते हैं। वे लगातार उकसाते और भड़काते रहते हैं। हमें विभाजन के इस बढ़ते वायरस का मुकाबला करना है जो दुर्भावनापूर्ण और शरारती रूप से फैलाया जा रहा है। यह हमें हर कीमत पर करना चाहिए। हमें अपने युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर प्रदान करने, कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक राजस्व उत्पन्न करने और अपने लोगों के जीवन स्तर में सुधार करने के लिए उच्च आर्थिक विकास को बनाए रखना चाहिए, लेकिन सामाजिक उदारवाद और कट्टरता का बिगड़ता माहौल आर्थिक विकास की नींव को हिला देता है। –आईएएनएस एचके/एसकेपी

Advertisementspot_img

Also Read:

चीन मुद्दे पर संसद में बरसे राहुल गांधी, लोकसभा सत्र हुआ स्थगित, जानें क्‍या बोले नेता प्रतिपक्ष?

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आज संसद में चीन से जुड़े मामले को लेकर खासा हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
spot_img

Latest Stories

प्रहार नाम का मतलब – Prahar Name Meaning

Prahar Name Meaning – प्रहार नाम का मतलब :Attack/वार,...

सैलरी तो बढ़ी लेकिन जेब है खाली…जानिए क्या है लाइफस्टाइल इंफ्लेशन और इससे बचाव के तरीके

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पैसा किसे प्यारा नहीं होता? लोग...

West Bengal Assembly 2026: बिधाननगर सीट पर किसका रहा है पलड़ा भारी, जानिए यहां का सियासी इतिहास

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव मुहाने...

जब देश में है तेल के कुएं का भंडार तो भारत विदेशों से क्यों खरीदता है क्रूड ऑयल?

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस बात में कोई दोराहे नहीं...

LPG, CNG और PNG में क्या होता है अंतर? जानिए रसोई से गाड़ियों तक इन गैसों का काम

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर Iran...

Solo घूमने के लिए भारत की ये बेस्ट जगहें, जहां मिलेगा सुकून

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आज के समय में ज्यादातर...