नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस के सीनियर लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों अपनी कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने के लिए लगातार दौरे और कार्यक्रमों में शामिल हो रहे है। हाल ही में मध्यप्रदेश, बिहार के बाद अब उन्होने हरियाणा सगंठन को लेकर सक्रिय है। जहां हरियाणा में जिला कांग्रेस कमेटियों के प्रमुखों की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए शुक्रवार (20 जून) को एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में उन्होंने प्रदेश के लिए नियुक्त सुपरवाइजरों से सीधे बातचीत कर जानकारी ली।
हालांकि, यह बैठक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें पर्यवेक्षकों को विवादित नामों पर अपनी सिफारिशें सौंपने की जिम्मेदारी दोहराई गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी ने उनसे अभियान में आ रही चुनौतियों, फीडबैक और जमीनी अनुभवों को शेयर करने को कहा।
‘संगठन सृजन अभियान’ से पार्टी को मजबूत करने की कोशिश
बैठक में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने बताया कि, यह प्रक्रिया ‘संगठन सृजन अभियान’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर संगठन को सशक्त और जन-केंद्रित बनाना है। इससे पहले, गुजरात में इसी प्रक्रिया की शुरुआत 15 अप्रैल को मोडासा से की गई थी। हरियाणा इस नई प्रणाली का हिस्सा बनने वाला दूसरा राज्य बन गया है, जहां जिला प्रमुखों की नियुक्ति कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से रायशुमारी के बाद की जा रही है।
6 नामों की सूची मांगी, 30 जून तक देनी होगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, सांसद राहुल गांधी ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक जिले से छह उपयुक्त नाम प्राथमिकता क्रम में सुझाएं। इन सुझावों के आधार पर जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान किया जाएगा। यह निर्णय 9 अप्रैल को अहमदाबाद में कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान लिया गया था।
30 जून तक सौंपनी होगी रिपोर्ट
साथ ही, सभी पर्यवेक्षकों को 30 जून तक अपनी सिफारिशें पार्टी नेतृत्व को सौंपने को कहा गया है। पार्टी इस प्रक्रिया को पारदर्शी और भागीदारी आधारित बनाना चाहती है। इस अभियान से पार्टी का उद्देश्य है कि कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म करना है। और संगठन को मजबूत और जन-केंद्रित बनाना है।
पार्टी का क्या है मकसद
कांग्रेस ने कहा कि, हरियाणा के साथ-साथ यह अभियान अब मध्य प्रदेश में भी सक्रिय है और आने वाले समय में इसे देशभर में लागू किया जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि जिला समितियों को मजबूत करके स्थानीय स्तर पर संगठन की पकड़ को मजबूत किया जाए, ताकि कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच संवाद और सहभागिता बढ़ाई जा सके।




