नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राजस्थान के दौसा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आयी है। यहां आम नागरिक नहीं बल्कि एक निर्वाचित विधायक चोरी की वारदात का शिकार बने हैं। दरअसल, कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा इन दिनों चोरी की लगातार घटनाओं से बेहद परेशान हैं। हैरानी की बात यह है कि एक महीने से भी कम समय में उनके मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और अब ट्रैक्टर-ट्रॉली तक चोरी हो चुकी है।
विधायक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी जताते हुए लिखा, “दौसा में चोरों के हौसले बुलंद हैं, पुलिस नाम की चीज रह ही नहीं गई है।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं कि जब एक निर्वाचित विधायक की सुरक्षा का ये हाल है, तो आम जनता कितनी असुरक्षित होगी?
दीनदयाल बैरवा बोले- पहले तो एक कील भी नहीं चोरी हुई थी
विधायक दीनदयाल बैरवा ने बताया कि चोरी की यह घटनाएं 11 जून से शुरू हुईं, जब दौसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर आयोजित सभा के दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। इसके ठीक तीन दिन बाद, 14 जून को उनके निजी निवास से मोटरसाइकिल गायब हो गई। अब, बीती रात उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी चोरी हो गई है। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “पहले मेरे घर से एक कील तक नहीं चोरी हुई थी और अब लगातार तीन चोरियां हो गई हैं।”
दौसा पुलिस ने क्या कहा ?
दौसा के पुलिस अधीक्षक सागर ने विधायक दीनदयाल बैरवा की ओर से लगाई गई चोरी की घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी को लेकर अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है। हालांकि, मोबाइल फोन चोरी की घटना पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। विधायक बैरवा ने बताया कि उन्होंने 7 जुलाई, सोमवार सुबह खुद पुलिस अधीक्षक से बात की है और उन्हें शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन भी मिला है।
कांग्रेस ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल
विधायक बैरवा के साथ लगातार हो रही चोरियों को लेकर कांग्रेस ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस मामले में बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा, “राजस्थान में डकैतों का बोलबाला है, विधायक तक सुरक्षित नहीं हैं। अगर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि ही असुरक्षित है, तो आम नागरिकों की स्थिति क्या होगी?” गौरतलब है कि दीनदयाल बैरवा पहली बार विधायक बने हैं और वे पिछले साल नवंबर में हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे।




