नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने छह फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन फर्मों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पॉली-एथीलीन कवर (एलडीपीई) की आपूर्ति, टेंडर और बोली में दखलंदाजी की। 29 अक्टूबर, 2021 को सीसीआई ने अंतिम आदेश जारी कर दिया। इन फर्मों को धारा 3(3)(डी) समेत प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया था। इन धाराओं के तहत प्रतिस्पर्धा-रोधी समझौतों का निषेध है। सीसीआई के मुताबिक इन सभी फर्मों ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को पतले पॉली-एथीलीन कवर (एलडीपीई) की आपूर्ति करने में आपस में गोलबंदी की। इन फर्मों ने इन एलडीपीई की कीमत तय करने में सीधे या परोक्ष रूप से हस्तक्षेप किया, टेंडर प्राप्त करने में, बोली तय करने में और बोली प्रक्रिया में दखलंदाजी की। एफसीआई की तरफ से दायर शिकायत पर मामला शुरू किया गया था। उपरोक्त मामले को देखते हुये सीसीआई ने एफसीआई द्वारा जारी टेंडर के सम्बंध में बोली में गड़बड़ी करने और आपस में गोलबंदी करने का दोषी पाते हुये छह फर्मों के खिलाफ बंदी तथा काम रोकने का आदेश जारी कर दिया। बहरहाल, सीसीआई ने इन फर्मों पर कोई जुमार्ना नहीं लगाया, क्योंकि छह में से चार फर्मों ने कम जुमार्ना लगाने की अपील की थी और अपना कदाचार स्वीकार कर लिया था। फर्मों ने जांच के दौरान अपनी आपराधिक कार्य-प्रणाली को स्वीकार किया था और सीसीआई के साथ पूरा सहयोग करने का वायदा किया था। इसके अलावा ये फर्में एमएसएमई के वर्ग में आती हैं, जहां स्टाफ और कारोबार सीमित है। सीसीआई ने कोविड-19 के हालात का भी ध्यान रखा, जिसके कारण एमएसएमई सेक्टर दबाव में रहा है। यह आदेश रेफ्रेंस केस. नं. 07 208 में पारित किया गया है। आदेश की प्रति सीसीआई की बेवसाइट पर उपलब्ध है। –आईएएनएस जीसीबी/आरजेएस





