नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर सम्मान अभियान के तहत आयोजित एक कार्यशाला में बोलते हुए उन्होंने विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया।
सोची समझी साजिश का आरोप लगाया
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तीन दलित हिंदुओं को उनके घरों से खींचकर मार डाला गया। उन्होंने इसे सोची-समझी साजिश बताया और कहा कि ये वही गरीब और वंचित लोग हैं, जिन्हें वक्फ की जमीन से कब्जा हटने के बाद असली फायदा मिलना था। सीएम योगी ने नागरिकता संशोधन कानून CAA का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून उन पीड़ितों को नागरिकता देने के लिए लाया गया था जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित हुए हैं। उन्होंने कहा, “अगर ये पीड़ित हिंदू भारत नहीं आएंगे, तो कहां जाएंगे? योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा जैसे दल CAA का विरोध करके जनता को गुमराह कर रहे हैं।
“दलितों की जमीन पर कब्जा करने वालों से विपक्ष के संबंध”
सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने दलितों और वंचितों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया था, उनका सीधा संबंध विपक्षी पार्टियों से है। जब सरकार ने ऐसी जमीनों को वापस लेने की कार्रवाई शुरू की, तब हिंसा भड़काई गई। सीएम ने विपक्षी दलों पर इतिहास के महापुरुषों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में आई थी, तो कांशीराम और डॉ. अंबेडकर के नाम से जुड़ी इमारतों को हटाने की कोशिश की गई थी। वहीं, बीजेपी ने अंबेडकर के सम्मान को बनाए रखा।
“शिवाजी का अपमान, जिन्ना की तारीफ करते हैं”
सीएम योगी ने विपक्ष पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि ये लोग छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे देशभक्तों का अपमान करते हैं, और जिन्ना जैसे विभाजनकारी नेताओं की तारीफ करते हैं। उन्होंने सपा नेताओं पर जिन्ना को “महान” बताने का आरोप भी लगाया। अपने भाषण के अंत में सीएम योगी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दलित और वंचित बस्तियों में जाकर सही जानकारी जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अगर सच नहीं बताया गया, तो विपक्ष गरीबों के हक पर कब्जा कर लेगा।




