नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार (10 जुलाई) को एक कार्यक्रम के दौरान पहलगाम आतंकी हमले की भयावहता को याद करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अब 24 घंटे सतर्क रहना जरूरी है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में एक आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम उमर ने कहा, “पहलगाम जैसी घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब हमें हर समय सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी वारदात को रोका जा सके।”
अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
जब पहलगाम हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी के बारे में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रियाएं समय लेती हैं और इस तरह की कार्रवाइयों के लिए कोई तय समयसीमा नहीं होती। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था। इस घटना के बाद विशेष रूप से अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता सामने आई है।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन धीरे-धीरे लौट रहा है पटरी पर
हालांकि पहलगाम हमले जैसी घटना एक बड़ा झटका थी, लेकिन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसके बावजूद पर्यटन को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर में टूरिज्म फिर से रफ्तार पकड़ रहा है। संभव है कि पहलगाम हमले से पहले के मुकाबले होटलों के किराए घटे हों, लेकिन पर्यटक आना शुरू हो चुके हैं। इनमें अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं।”
पहलगाम रूट से हो रहा अमरनाथ श्रद्धालुओं का आगमन
हाल के दिनों में यह देखने को मिला है कि 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बावजूद पहलगाम मार्ग पर अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा जोश और श्रद्धा बनी हुई है। देश के कोने-कोने से शिवभक्त इस बार आतंक के खिलाफ आस्था की ताकत दिखाने पहलगाम पहुंच रहे हैं। हमले की त्रासदी के बावजूद इस वर्ष अधिकतर अमरनाथ यात्री दर्शन के लिए विशेष रूप से पहलगाम रूट को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।





