नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार से पड़ोसी देश बांग्लादेश में मौजूदा हालात के मद्देनजर शांति लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र से संपर्क करने का आग्रह किया। दरअसल, सोमवार को विधानसभा में बोलते हुए ममता ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह बांग्लादेश मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र (UN) में उठाए। ममता ने केंद्र से वहां शांति सेना भेजे जाने के लिए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने की अपील की।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश में मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए वहां संयुक्त राष्ट्र द्वारा शांति मिशन की तैनाती की मांग करे। ममता ने कहा कि विशेष शांति सेना किसी देश को संघर्ष के रास्ते से वापस शांति के रास्ते पर लाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो संघर्ष का माहौल बन गया है, उसे संभालने की क्षमता मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के पास नहीं है। ममता बनर्जी ने विदेशी धरती पर सताए गए भारतीयों को भी वापस लाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की भी मांग की।
बंगाल की मुख्यमंत्री ने आगे मांग की, कि केंद्रीय विदेश मंत्री को पड़ोसी देश की मौजूदा स्थिति पर भारत के रुख के बारे में संसद को सूचित करना चाहिए। उन्होंने कहा अगर प्रधानमंत्री मोदी खुद यह काम करने के लिए उपलब्ध नहीं हैं तो विदेश मंत्री का बयान मौजूदा शीतकालीन सत्र के दौरान आना चाहिए। गौरतलब है कि हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर कथित अत्याचारों और वहां हिंदू पुजारियों की गिरफ्तारी को लेकर बांग्लादेश में स्थिति तनावपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय शांति सेना को बांग्लादेश भेजा जाना चाहिए
बंगाल की सीएम ने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो वहां की (अंतरिम) सरकार से बात करने के बाद एक अंतरराष्ट्रीय शांति सेना को बांग्लादेश भेजा जाना चाहिए ताकि उन्हें सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद मिल सके। बनर्जी ने यह भी कहा कि सीमा के इस तरफ सताए गए भारतीयों को बचाने और पुनर्वास करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो हम बांग्लादेश में हमला किए गए भारतीयों का पुनर्वास कर सकते हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो हमें उनके साथ अपनी ‘एक रोटी’ साझा करने में कोई समस्या नहीं है। उनके लिए भोजन की कोई कमी नहीं होगी।
भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी का उठाया मुद्दा
ममता ने 79 भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी का भी मुद्दा उठाया, जिन्हें कुछ समय पहले बांग्लादेशी जलक्षेत्र में भटकने के कारण हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे मछुआरे अभी भी उनकी कैद में हैं और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा जब बांग्लादेशी मछुआरे हमारे जलक्षेत्र में घुसे थे तो हमने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की थी। ममता बनर्जी ने पड़ोसी देश में बढ़ते तनाव के बावजूद केंद्र सरकार पर पिछले 10 दिनों से चुप रहने का आरोप लगाया।
भाजपा पर किया कटाक्ष
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने केंद्रीय नेतृत्व से बांग्लादेश की स्थिति में केंद्र से सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करने के लिए क्यों नहीं कहते? इसके बजाय उनके नेता हमारी भूमि सीमाओं पर माल की आवाजाही बंद करने की मांग कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा समझौतों के अनुसार वस्तुओं की आवाजाही को रोकना हमारे हाथ में नहीं है। हम केवल केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम कर सकते हैं।





