नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में कुदरती कहर के बाद हिमाचल के शिमला में भी अचानक बादल फटने की खबर सामने आई है। शिमला शहर के रामपुर के तकलेच में 6 अगस्त की देर रात को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पर देर रात को बादल फट गया। जिससे जनजीवन पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद नोगली खड्ड किनारे के इलाके खाली करवाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, अचानक बादल फटने से बाजार भी जलमग्न हो गया। बाजार के इलाके में पानी भर यगा है। हालांकि, जन नुकसान की अभी कोई सूचना नहीं है। राज्य में लगातार भारी बारिश और भूस्खलन के चलते आम जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही, मौसम विभाग ने बताया है कि 12 अगस्त तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।
निचले इलाकों में भारी नुकसान
राज्य में लगातार बारिश के चलते निचले इलाको में नुकसान का सिलसिला जारी है। खासतौर पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के हमीरपुर डिवीजन को भारी नुकसान हुआ है। विभाग को अब तक 211 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना जिलों में सड़कों और पुलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
तीर्थयात्रा निलंबित
हिमाचल में लगातार भारी बारिश का सिलसिला जारी है। जिसके चलते तीर्थयात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद किन्नौर कैलाश यात्रा को रद्द कर दिया है। और 413 फंसे हुए तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू किया गया है। यात्रा 15 जुलाई से शुरू हुई थी और 30 अगस्त को समाप्त होगी।
राज्य को भारी नुकसान, 108 लोगों की मौत
इस हादसे के बाद राज्य सरकार अलर्ट पर है। शिमला शहर के कई स्कूलों में अवकास घोषित किया है या ऑनलाइन मोड में क्लास चल रहे हैं। 20 जून से मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश को 1852 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश से संबंधित घटनाओं में लगभग 108 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 36 लोग लापता हैं।
उत्तराखंड में 5 लोगों की मौत
वहीं, बीते दिन उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार (5 अगस्त) को एक भयावह हादसा हो गया हे। यहां पर अचानक बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में आयी भयंकर बाढ़ में 5 लोगों की जान चली गई है। 400 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है।





