जशपुर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। सेवाएं सम्मान दिलाती है, चाहे आप सरकारी तंत्र का ही हिस्सा क्यों न हो, अच्छा काम सभी के दिल में जगह बना ही लेता है। ऐसा ही कुछ हुआ छत्तीसगढ़ के जशपुर में, जहां मिड-डे-मील बनाने वाली रसोइया मुरारी बाई केा बच्चों ने समारेाह आयोजित कर विदाई दी। रसोइया मुरारी बाई ने बच्चों के बीच अपनी खास जगह बना ली थी क्योंकि उनके हाथ का भेाजन बच्चों केा खूब भाता था। बच्चों ने एक समारोह आयोजित कर मुरारी बाई को विदाई दी। इस मौके पर बच्चों के साथ मुरारी बाई की भी आंखें नम हो गई। जशपुर जिले के विकासखण्ड बगीचा के प्रायमरी स्कूल महुवाडीह में स्कूली बच्चों ने स्कूल की रसोईया मुरारी बाई को सम्मान के साथ विदाई दी। इस मौके पर बच्चों ने कहा कि वे मिड डे मील का स्वाद कभी भूल नहीं पाएंगे। इस मौके पर रसोईया मुरारी बाई की आंखें नम थी और स्कूल के बच्चे भी भावुक हो गए थे। वह इस स्कूल में लम्बे अर्से से अपनी सेवा दे रही थींे। विदाई के वक्त स्कूली बच्चे और ग्रामीण भावुक हो गए। मुरारी बाई अपनी अधिक उम्र की वजह से रसोईया के पद से विदाई ले रही थीं। इस अवसर पर गांव की सरपंच कविता देवी ने कहा कि मुरारी बाई काफी लम्बे समय से पूरी जिम्मेदारी से घर के भोजन जैसा मिड डे मील बनाकर कर बच्चों को खिलाया है, वह अनुकरणीय है। उनकी इस सेवा को यह गांव कभी नहीं भूल पाएगा। बच्चों ने कहा कि उन्हें जो भोजन स्कूल में मिलता रहा है, उसका स्वाद वह शायद ही भूल पाएंगे। इस मौके पर बच्चों ने उन्हें फूलों का गुच्छा भेंट किया। वहीं सरपंच, ग्रामीण व शिक्षकों ने साड़ी और शाल भेंट कर स्कूल की रसोईया का सम्मान किया। –आईएएनएस एसएनपी/आरजेएस




