नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में नए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने गुरुवार की शाम मुंबई के आज़ाद मैदान में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के कुछ ही घंटों के भीतर नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री ने अपने उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे के साथ राज्य के सचिवालय में अपनी ज़िम्मेदारियां संभाल ली। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले फ़ैसले में फडणवीस ने पुणे के एक परिवार को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता को मंज़ूरी दी।
नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे के साथ मंत्रालय पहुँचने पर तीनों नेताओं का कर्मचारियों द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इसके बाद फडणवीस और उनके उपमुख्यमंत्रियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज, जीजाबाई, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और महात्मा फुले की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद फडणवीस, शिंदे और पवार ने नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के तत्काल बाद फडणवीस ने पुणे निवासी चंद्रकांत कुर्हाड़े के परिवार को 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी।
कुर्हाड़े की पत्नी ने अपने पति के बोन मैरो ट्रांसप्लांट उपचार का समर्थन करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए आवेदन किया था, जिस पर सीएम बनने के बाद फडणवीस ने हस्ताक्षर किया। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि मैंने आज जिस फाइल पर पहला हस्ताक्षर किया है, वह एक बोन मैरो ट्रांसप्लांट उपचार के लिए आर्थिक सहायता का थी। पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि हमें इस बार भारी जनादेश मिला है और इसके साथ ही लोगों की अपेक्षाओं का दबाव भी है। चुनौती बड़ी है लेकिन हम वित्तीय अनुशासन और एक महत्वाकांक्षी योजना के लिए प्रतिबद्ध हैं। फडणवीस ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में हमने महाराष्ट्र के विकास पर ध्यान केंद्रित किया है और हम ऐसा करना जारी रखेंगे। हमारी भूमिकाएँ बदल सकती हैं, लेकिन दिशा और गति वही रहेगी। हम अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम करेंगे।
फडणवीस ने विपक्ष के देरी के आरोप को खारिज किया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सरकार गठन में देरी हुई है। उन्होंने अतीत के उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि 2004 में गठन की प्रक्रिया में 12-13 दिन लगे थे और 2009 में इसमें लगभग 9 दिन लगे। फडणवीस ने कहा कि गठबंधन सरकार में कई निर्णय लेने की आवश्यकता होती है और व्यापक परामर्श की आवश्यकता होती है। हमने परामर्श प्रक्रिया का अधिकांश हिस्सा पूरा कर लिया है और पोर्टफोलियो को अंतिम रूप दे रहे हैं।
हम ‘माझी लड़की बहिन योजना’ जारी रखेंगे – फडणवीस
इसके साथ ही नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह से महायुति सरकार ने पिछले 2.5 वर्षों में राज्य के विकास के लिए काम किया है, वह उसी तरह काम करना जारी रखेगी। फडणवीस ने कहा कि वे अब नहीं रुकेंगे। उन्होंने कहा कि लक्ष्य और गति वही है, केवल हमारी भूमिकाएँ बदल गई हैं। हम महाराष्ट्र की बेहतरी के लिए निर्णय लेंगे। हम अपने घोषणापत्र में बताए गए कार्यों को पूरा करना चाहते हैं। दरअसल, फडणवीस ने इस नई सरकार में शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के साथ कार्यालयों की अदला-बदली की है। फडणवीस ने कहा कि लोग एक स्थिर सरकार चाहते हैं और अगले पांच वर्षों में उनका प्रशासन बिल्कुल यही प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि शिंदे और पवार दोनों उनके साथ हैं। वे साथ रहेंगे और साथ मिलकर काम करेंगे। हम ‘माझी लड़की बहिन योजना’ जारी रखेंगे। सीएम ने बताया कि कैबिनेट 7 और 8 दिसंबर को एक विशेष सत्र आयोजित करेगी, जिसके बाद वे महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। राज्यपाल 9 दिसंबर को अभिभाषण देंगे। कैबिनेट विस्तार और पोर्टफोलियो आवंटन के बारे में फडणवीस ने कहा कि किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह उप मुख्यमंत्री शिंदे और अजीत पवार द्वारा तय किया जाएगा।
दरअसल, कई विपक्षी नेताओं ने सरकार गठन में देरी के लिए NDA सरकार की आलोचना की थी, उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र और चुनावी प्रक्रिया का अपमान है। फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इन आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। इससे पहले गुरुवार शाम को दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में एक भव्य समारोह में देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह समारोह 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के लगभग दो सप्ताह बाद हुआ। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ महायुति गठबंधन के हजारों समर्थक शामिल हुए।





