नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केंद्र सरकार ने बड़ा झटका दिया है। संसद में JDU सांसद रामप्रीत मंडल की बिहार को स्पेशल स्टेटस देने की मांग को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद से बिहार की राजनीति में उबाल आ गया है। इसको लेकर बिहार की मुख्य विपक्षी दल RJD ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।
लंबे समय से नीतीश मांग रहे विशेष राज्य का दर्जा
दरअसल नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर आज सोमवार को संसद में जेडीयू सांसद रामप्रीत मंडल ने सरकार से सवाल पूछा तो वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य स्पेशल स्टेटस की क्राइटेरिया में फिट नहीं है।
JDU सांसद ने पूछा सवाल तो ये मिला जवाब
राम प्रीत मंडल ने पूछा कि क्या सरकार आर्थिक विकास और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए बिहार व अन्य पिछड़े राज्यों को स्पेशल स्टेटस का दर्जा देने का विचार कर रही है? यही है तो इसके संबंध में विस्तार से बताएं। जिसपर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि ‘ अतीत में राष्ट्रीय विकास परिषद ने कुछ राज्यों को सहायता के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा दिया था। जिसकी कई विशेषतायें थी। जिनपर विशेष ध्यान देने की जरूरत थी। इन विशेषताओं में पहाड़ी, कठिन भू-भाग, जनजातीय आबादी का बड़ा हिस्सा, कम जनसंख्या, पड़ोसी देशों के साथ सीमाओं का लगना, आर्थिक इत्यादी प्रकृति शामिल थी।’
1721646975642-special status bihar.jpgक्यों नहीं मिल सकता बिहार को स्पेशल स्टेटस का दर्जा?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि पूर्व में विशेष श्रेणी के दर्जे के लिए बिहार के अनुरोध पर एक अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन किया गया था। जिसने 2012 में रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें बताया गया था कि मौजूदा मानदंडों के आधार पर बिहार विशेष श्रेणी के दर्जे से बाहर है। इसलिए उसे विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जा सकता है।
RJD ने नीतीश कुमार पर कसा तंज
वहीं अब इसको लेकर विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार पर हमला करना शुरू कर दिया है। RJD ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बिहार को नहीं मिलेगा विशेष राज्य का दर्जा! नीतीश कुमार और जेडीयू वाले अब आराम से केंद्र में सत्ता का रसास्वादन करते हुए विशेष राज्य के दर्जे पर ढोंग की राजनीति करते रहें।
लालू ने मांगा नीतीश से इस्तीफा
वहीं इसपर लालू प्रसाद यादव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाएंगे। अब केंद्र ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया है। इसलिए नीतीश कुमार इस्तीफा दें। हम विशेष राज्य का दर्जा लेकर रहेंगे। केंद्र को विशेष राज्य का दर्जा देना ही होगा।
विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर क्या होता है लाभ?
दरअसल किसी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर केंद्र सरकार उस राज्य को केंद्रीय योजनाओं को लागू करने के लिए 90 फीसदी धनराशि देती है। जबकि अन्य राज्यों को 60 से 75 फीसदी दी जाती है। बाकि का खर्च राज्य सरकार उठाती है। यदि आवंटित राशि खर्च नहीं हो पाती तो वो समाप्त नहीं हो जाती उसे आगे ले जाया जाता है। विशेष राज्य का दर्जा मिलने पर राज्य को सीमा शुल्क, आयकर और कॉर्पोरेट कर सहित विभिन्न करों और शुल्कों में रियायत मिलती है।
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