नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सबसे अहम फैसला अगली जनगणना में जातियों की गिनती का रहा। यह बैठक जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पहली बार हुई।
जातीय जनगणना का फैसला
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी दी कि केंद्र सरकार अब अगली जनगणना में जातियों की गिनती भी करवाएगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला सामाजिक न्याय और सही नीतियों के निर्माण के लिए बेहद जरूरी है। मंत्री ने यह भी बताया कि पहले की सरकारों ने इस पर सिर्फ चर्चा की लेकिन कभी ठोस कदम नहीं उठाया। अब मोदी सरकार ने इसे लागू करने का बड़ा फैसला लिया है।
पहलगाम हमले के बाद एक्शन मोड में सरकार
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नजर आ रही है। पीएम मोदी ने बुधवार को एक ही दिन में 4 बड़ी बैठकें की। सुरक्षा मामलों की समिति, कैबिनेट बैठक, राजनीतिक मामलों की समिति और आर्थिक मामलों की समिति। बैठक की शुरुआत में हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सरकार ने शिलॉन्ग से सिलचर (मेघालय से असम) तक हाईस्पीड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर 166.8 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर करीब 22,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम होगा।
गन्ना किसानों को बड़ी राहत, बढ़ा FRP
कैबिनेट बैठक में गन्ना किसानों के लिए भी बड़ी राहत का ऐलान किया गया। अब गन्ने का FRP 355 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो उत्पादन लागत (173 रुपये प्रति क्विंटल) से दोगुना है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों की आय में सीधा फायदा होगा। जातीय जनगणना के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा इस मुद्दे को टालने का काम किया, जबकि अब INDI गठबंधन के नेता इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राज्यों ने जाति आधारित सर्वे किए हैं, लेकिन यह काम प्रमाणिक रूप से और पूरे देश के स्तर पर होना चाहिए। केंद्र सरकार की इस कैबिनेट बैठक से साफ है कि आने वाले समय में सामाजिक, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जातीय जनगणना से लेकर गन्ना किसानों की आमदनी और पूर्वोत्तर में कनेक्टिविटी तक, ये फैसले देश की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




