नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की चर्चित घोसी विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। अब नियमों के अनुसार यहां छह महीने के अंदर उपचुनाव कराया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
विधानसभा सचिवालय की ओर से सीट को खाली घोषित करने का आदेश जारी किया गया है। इसकी जानकारी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा सदस्य, डीएम मऊ मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
सपा विधायक के निधन से खाली हुई सीट
20 नवंबर 2025 को बीमारी के चलते सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन हो गया था। नियमों के मुताबिक, यदि किसी जनप्रतिनिधि की मृत्यु, इस्तीफा या अयोग्यता के कारण सीट खाली हो जाती है तो 6 महीने के भीतर उपचुनाव अनिवार्य है।
घोसी सीट, फिर सुर्खियों में
घोसी सीट पिछले कुछ वर्षों में लगातार चर्चाओं में रही है। 2022 चुनाव दारा सिंह चौहान ने BJP छोड़कर SP जॉइन की और जीत हासिल की बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा देकर फिर BJP जॉइन कर ली 2023 उपचुनाव में सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह ने BJP प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को 50 हजार वोटों के अंतर से हराया अब सुधाकर सिंह के निधन के बाद सीट दोबारा खाली हो गई है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ही यहां एक बार फिर सपा और BJP के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, विधायक के निधन से रिक्त हुई सीट पर छह महीने के अंदर उपचुनाव कराना अनिवार्य होता है। इसलिए घोसी विधानसभा सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने की संभावना है। यह उपचुनाव मऊ जिले ही नहीं, पूरे पूर्वांचल की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि घोसी सीट पर पिछले कई चुनावों से भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखा गया है। विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि यह सीट अब रिक्त घोषित की गई है और बाकी का काम चुनाव आयोग को करना होगा।





