नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 14 मार्च को रात करीब 11:30 बजे जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास में आग लगने की घटना सामने आई थी। घटना की जानकारी पुलिस और फायर डिपार्टमेंट को दी गई। दमकल विभाग के मुताबिक जब वह आग बुझा रहे थे तो वहां से जले हुए नोट मिले थे। इसका वीडियो सामने आया तो सुप्रीम कोर्ट ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। अब उनके घर के बाहर से भी जले हुए नोट बरामद हो रहे हैं।
NDMC के कर्मचारियों ने बताई सच्चाई
एनडीएमसी के सफाई कर्मी इंद्रजीत ने बताया कि वह 30 तुगलक रोड के सर्कल पर कूड़ा इकट्ठा करने का काम करते हैं। चार-पांच दिन पहले जब वह यहां सफाई कर रहे थे तो उन्हें ₹500 के जले हुए नोट मिले थे। उन्होंने दावा किया कि 20 से 25 ऐसे ₹500 के जले हुए नोट उन्हें मिले थे। वह सिलसिला अभी तक जारी है। अभी भी रोज हमें एक या दो टुकड़े ऐसे मिल जाते हैं। हालांकि उन्होंने इस बात की पुष्टि नहीं की कि वह टुकड़े जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से ही मिले हैं या नहीं।
क्या है पूरा मामला
14 मार्च को जब फायर कर्मियों ने आग बुझाई तो उनके घर सेजले हुए नोटों का जखीरा देखने को मिला। मामले का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और जस्टिस वर्मा को कोई भी न्यायिक कार्य करने से रोक दिया गया। हालांकि जस्टिस वर्मा ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा की जो नोट उनके घर से मिले हैं उनका या उनके परिवार का उससे कोई संबंध नहीं है। जिस वक्त यह घटना घटी वह मध्य प्रदेश में थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रेस रिलीज के माध्यम से जो वीडियो जारी किया उसमें साफ देखा जा सकता है कि नोटों की तमाम ऐसी गड्डियां बरामद हुई जो जली हुई अवस्था में थी।





