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Tuesday, March 10, 2026
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झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से, 3 मार्च को पेश होगा बजट, मॉबलिंचिंग और भाषा विवाद के मुद्दे पर हंगामे के आसार

रांची, 24 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी को शुरू हो रहा है। आगामी 25 मार्च तक चलनेवाले इस सत्र में 17 कार्यदिवस होंगे। सत्र की शुरूआत25 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। वर्ष 2022-23 का बजट राज्य सरकार के वित्त मंत्री डॉक्टर रामेश्वर उरांव तीन मार्च को पेश करेंगे। बजट के दौरान 4 दिन मुख्यमंत्री प्रश्नकाल होंगे। हर सोमवार को प्रश्नकाल के बाद आधे घंटे के लिए मुख्यमंत्री प्रश्नकाल निर्धारित होगा। इस दौरान विधायक सरकार के नीतिगत मामलों पर सीधे मुख्यमंत्री से सवाल कर पायेंगे। झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने कहा है कि बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। सदस्यों से अपील की गई है कि वे सत्र को जनता के लिए उपयोगी बनाने के लिए मर्यादित आचरण करें और बहस के लिए तैयारी करके आयें। मंत्रियों को भी कहा गया है कि वे सदस्यों की ओर से पूछे जाने वाले प्रश्नों का संतोषप्रद जवाब दें। बजट सत्र ऐसे वक्त में हो रहा है, जब राज्य में भाषा विवाद, जेपीएससी परीक्षाओं के विवाद, मॉबलिंचिंग और पिछड़ा वर्ग आरक्षण जैसे मुद्दों पर राज्य में सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि ये मुद्दे झारखंड विधानसभा में भी जोर-शोर से उठेंगे। पक्ष-विपक्ष के नेताओं के बयान और दोनों ओर से बनाई जा रही रणनीति से भी संकेत यही मिल रहे हैं कि सत्र हंगामेदार होगा। सत्र की तैयारियों को लेकर झारखंड विधानसभा के स्पीकर रबींद्रनाथ महतो द्वारा गुरुवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने बहिष्कार कर दिया। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को अब तक सदन में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता नहीं देने पर पार्टी लगातार विरोध जता रही है और इसी वजह से पार्टी ने स्पीकर की ओर से बुलाई जाने वाली ऐसी बैठकों से खुद को दूर रखने का निर्णय लिया है। झारखंड विधानसभा भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि बैठक में शामिल होने के लिए उनके पास विधानसभा अध्यक्ष का पत्र आया था, लेकिन जब तक विधानसभा अध्यक्ष भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता नहीं देते, पार्टी ऐसी बैठक का बहिष्कार करेगी। इधर सरकार बजट सत्र में राज्य कर्मियों के प्रमोशन पर लगी रोक को हटाने से पहले या उसी क्रम में प्रमोशन देने के लिए नई प्रमोशन नीति विधेयक लाने की तैयारी में है। इसके अलावा सरकार व्यापारियों पर बकाया करों की एकमुश्त वसूली के लिए कर समाधान विधेयक भी सदन में पेश कर सकती है। –आईएएनएस एसएनसी/एएनएम

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