भोपाल 30 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में खंडवा संसदीय क्षेत्र का उप-चुनाव भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। दोनों ही दल जीत के लिए कमर कसे हुए हैं। कांग्रेस में इस संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार चयन को लेकर चल रहा मंथन अंतिम दौर में है और संभावना है कि जल्दी ही उम्मीदवार के नाम का ऐलान हो जाएगा। राज्य में तीन विधानसभा क्षेत्रों पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट के अलावा खंडवा संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव होना है। इन चार चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण खंडवा का लोकसभा चुनाव है। यहां चुनाव भाजपा के नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के कारण हो रहा है। कांग्रेस की ओर से यहां सबसे बड़े दावेदार पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव हैं तो वहीं निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने भी ताल ठोक दी है और वे अपनी पत्नी को कांग्रेस का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को दिल्ली बुलाया गया है और वे कमलनाथ सहित तमाम बड़े नेताओं से चर्चा कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तो अरुण यादव के दौरा कार्यक्रम के साथ उन्हें शुभकामनाएं तक दे डाली है। इतना ही नहीं यादव शुक्रवार से खंडवा संसदीय क्षेत्र में प्रवास पर भी निकलने वाले हैं। वे लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी लगातार सभाएं और कार्यक्रम चल रहे हैं। दिल्ली से लौटने पर वे एक बार फिर मैदान में सक्रिय नजर आएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि कांग्रेस तीनों विधानसभा और खंडवा लोकसभा में सक्षम और सशक्त उम्मीदवार उतारेगी, जहां तक खंडवा की बात है तो पहला नाम अरुण यादव का है इसके अलावा भी कई और दावेदार हैं। इसी बीच निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने तो कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर अपना दावा ठोक दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके परिवार के दो सदस्य खंडवा संसदीय क्षेत्र से पूर्व निर्वाचित हो चुके हैं, वहीं कई बार उनके परिवार का सदस्य विधायक रहा है। इतना ही नहीं वे जनता के बीच लगातार सक्रिय रहते हैं। –आईएएनएस एसएनपी/एएनएम




