– आरएसएस के नेताओं के अकाउंट का भी ब्लू टिक बहाल कर दिया जाएगा नई दिल्ली, 05 जून (हि.स.)। ट्विटर ने शनिवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के व्यक्तिगत हैंडल से ब्लू टिक (नीला निशान) हटा दिया। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई अधिकारियों के निजी अकाउंट से भी ब्लू वेरिफिकेशन टिक को हटा दिया गया। हालांकि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद कुछ घंटों में ही नायडू के अकाउंट पर फिर से ब्लू टिक बहाल कर दिया गया। उपराष्ट्रपति नायडू के व्यक्तिगत हैंडल से ब्लू टिक हटाने का संज्ञान लेते हुए जब आईटी मंत्रालय ने ट्विटर की नीतियों पर सवाल उठाए तो ट्विटर ने ब्लू टिक वापस लेने के लिए माफी मांगी है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ने हवाला दिया था कि उपराष्ट्रपति का खाता पिछले 6 महीनों से निष्क्रिय था जिसके कारण ब्लू टिक को हटा दिया गया था। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि दिवंगत राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और दिवंगत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास अभी भी निष्क्रियता के बिना नीला बैज है, इसलिए माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए कारण वास्तव में मान्य नहीं हैं। ट्विटर ने उपराष्ट्रपति के व्यक्तिगत खाते का ब्लू टिक बहाल करने के बाद अपनी गलती स्वीकार की और सरकार को आश्वासन दिया कि आरएसएस के अन्य नेताओं का ब्लू टिक घंटों के भीतर बहाल कर दिया जाएगा। इससे लोगों को पता चलता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह एक प्रामाणिक खाता है। नायडू के निजी अकाउंट पर अंतिम बार 23 जुलाई, 2020 को पोस्ट किया गया था। इस पर उसके 13 लाख फॉलोअर्स हैं। वहीं दूसरी ओर, उपराष्ट्रपति के आधिकारिक अकाउंट पर 931,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं। उपराष्ट्रपति के आधिकारिक अकाउंट @VPSecratariat को उपराष्ट्रपति सचिवालय द्वारा चलाया जाता है। ट्विटर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कई अधिकारियों से निजी अकाउंट से भी ब्लू वेरिफिकेशन टिक को हटा दिया है। इसमें सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार शामिल हैं। सत्यापन निशान खोने वाले अन्य आरएसएस के नेताओं में पूर्व महासचिव सुरेश "भैयाजी" जोशी, पूर्व सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और वर्तमान अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील




