नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को फिलहाल टाल दिया है। इसका मतलब है कि वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा ही अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। नड्डा 2020 से पार्टी अध्यक्ष हैं और अब तक कई बार उनके कार्यकाल को बढ़ाया जा चुका है।
क्यों टला बीजेपी अध्यक्ष का चुनाव?
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए पार्टी ने संगठन के चुनाव स्थगित करने का फैसला किया है। पार्टी का मानना है कि इस समय सरकार और संगठन को पूरी मजबूती के साथ काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले के बाद आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया था। ऐसे में पार्टी फिलहाल कोई आंतरिक चुनावी प्रक्रिया में नहीं पड़ना चाहती।
मई में होना था चुनाव, अब अनिश्चितकाल तक टला
बीजेपी मई 2025 में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी कर रही थी। लेकिन अब संगठनात्मक परिस्थितियों को देखते हुए यह योजना टाल दी गई है। नई तारीख की घोषणा बाद में होगी।
बीजेपी का संविधान क्या कहता है?
बीजेपी के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष वही बन सकता है जो कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सदस्य रहा हो। चुनाव राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषद के सदस्य मिलकर करते हैं। अध्यक्ष पद के लिए कम से कम पांच अलग-अलग राज्यों से संयुक्त प्रस्ताव आना चाहिए। हालांकि बीजेपी में अब तक अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होता आया है और कभी भी वोटिंग की नौबत नहीं आई। जेपी नड्डा जनवरी 2020 में बीजेपी अध्यक्ष बने थे। उनका कार्यकाल तीन साल यानी जनवरी 2023 में खत्म हो गया था। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया गया। अब चुनाव फिर से टलने के कारण वे अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
अगला अध्यक्ष कौन? अटकलें जारी
बीजेपी के गलियारों में यह चर्चा तेज है कि जेपी नड्डा के बाद नया अध्यक्ष कौन होगा। बीते छह महीनों में कई नाम सामने आए हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अंतिम नामांकन और फैसला पार्टी के चुनाव के बाद ही तय होगा। वरिष्ठ पत्रकारों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष के चयन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी के बीच संवाद होता है। हालांकि, यह कहना गलत होगा कि संघ सीधे नाम तय कर देता है। निर्णय आपसी विचार-विमर्श से होता है ताकि संगठन में एकता बनी रहे।




