नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने एक वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच एक नया और तीखा विवाद शुरू हो गया है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम की पृष्ठभूमि में चाय बेचते हुए दिखाया गया है। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने इस वीडियो को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर करते हुए पूछा, अब ये किसने किया?वीडियो के सामने आते ही बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है।
क्या है विवादित AI वीडियो?
यह वीडियो AI जनरेटेड बताया जा रहा है।वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हल्के नीले कोट और काले पैंट में दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में केतली और चाय के गिलास हैं। पृष्ठभूमि में अंतर्राष्ट्रीय झंडे और भारत का तिरंगा लगा हुआ है।कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने इसे एक्स पर साझा किया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ।
बीजेपी का तीखा रिएक्शन: ‘ओबीसी पीएम को स्वीकार नहीं कर पा रही कांग्रेस’
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस वीडियो की कड़ी आलोचना की और इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि रेणुका चौधरी द्वारा संसद और सेना का अपमान करने के बाद, अब रागिनी नायक ने मोदी के ‘चायवाला’ बैकग्राउंड का मज़ाक उड़ाया है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ओबीसी समुदाय से आने वाले मेहनती प्रधानमंत्री को स्वीकार नहीं कर पा रही।माफ न करने की चेतावनी: पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने 150 से ज़्यादा बार मोदी का अपमान किया है, यहाँ तक कि उनकी माँ को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने चेतावनी दी, “देश इसे कभी माफ नहीं करेगा।”
पहले भी AI वीडियो पर हुआ है विवाद
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े AI वीडियो पर विवाद हुआ हो । पूनावाला का संदर्भ बिहार कांग्रेस द्वारा सितंबर में साझा किए गए एक AI वीडियो से था, जिसमें PM मोदी अपनी दिवंगत माँ से सपने में बात करते दिखते थे। इस वीडियो पर राजनीति गरमाने के बाद पटना हाई कोर्ट ने कांग्रेस को इसे सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया था।
चायवाला बैकग्राउंड पर पुराना विवाद
PM मोदी के ‘चायवाला’ बैकग्राउंड पर विवाद नया नहीं है, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने 2014 में कहा था कि मोदी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते और चुनाव हारने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में चाय बेच सकते हैं।बीजेपी ने इस बयान को राजनीतिक हथियार बनाते हुए ‘चाय पे चर्चा’ अभियान चलाया, जिससे उसे चुनावी फायदा मिला।2017 में युवा कांग्रेस का एक मीम भी विवादों में घिरा था, जिसमें मोदी का मज़ाक उड़ाया गया था, जिसे बाद में कांग्रेस ने हटा दिया था।




