नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बीजेडी (BJD) को हराकर राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। अब बीजेपी ने बीजेडी को फिर एक करारी चोट दे दी है। दरअसल बीजेडी की पूर्व राज्यसभा सांसद ममता मोहंता ने गुरुवार को बीजेपी का दामन थाम लिया।
2020 में राज्यसभा सांसद बनी थीं ममता
बता दें कि ममता मोहंता ने बुधवार 31 जुलाई 2024 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जिसे राज्यसभा के सभापति व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंजूर कर लिया था। ममता साल 2020 में राज्यसभा सांसद बनीं थी और उनका कार्यकाल 2026 में खत्म होना था।
क्या करना चाहती है बीजेपी?
ओडिशा में राज्यसभा की 10 सीटें हैं। ममता मोहंता के इस्तीफे के बाद खाली सीट पर अब चुनाव होंगे। विधानसभा में सदस्यों की संख्या के हिसाब से ये सीट बीजेपी के खाते में चली जाएगी। बीजेपी ने भले ही ओडिशा में अपनी सरकार बना ली है लेकिन उसके पास राज्यसभा में सिर्फ 1 ही सांसद हैं।
राज्यसभा का क्या है गणित?
राज्यसभा के गणित को देखें तो मौजूदा समय में राज्यसभा में सांसदों की संख्या 225 है। बीजेपी के पास राज्यसभा के 86 सांसद हैं। वहीं एनडीए के सभी सांसदों को मिलाकर देखें तो एनडीए के पास कुल 101 सांसद हैं। हालांकि बहुमत के लिए 113 सांसद होने चाहिये। राज्यसभा में बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए बीजेपी को ओडिशा की सीटें काफी मायने रखती हैं।
काफी समय से किया जा रहा था उपेक्षित
ममता मोहंता ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह और पार्टी के ओडिशा प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि उन्हें काफी समय से बीजेडी में उपेक्षित किया जा रहा था। इस दौरान ममता ने कहा कि मैं पीएम मोदी की लोगों की सेवा करने के आदर्शों से प्रेरित होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई हूं। मैने किसी साजिश के तहत बीजेपी ज्वाइन नहीं किया है।
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