नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार के शिक्षा विभाग में कार्यरत मुख्य सचिव के के पाठक, हमेशा अपने आदेशों को लेकर चर्चा का केंद्र बने रहते हैं। वह बिहार के शिक्षा विभाग के सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें सीएम नीतीश कुमार का करीबी बताया जाता है। उनके इस तरह के आदेशों से बच्चे, उनके माता पिता और अध्यापक काफी परेशान हैं। दरअसल बिहार के शिक्षा विभाग ने इतनी गर्मी में भी स्कूलों की छुट्टी नहीं की है। जिससे स्कूल के बच्चों का गर्मी से हालत खराब है। गर्मी इतनी भीषण पड़ रही है कि बच्चे गर्मी के कारण बेहोश हो रहे हैं। वहीं बच्चों के माता पिता और स्कूल के अध्यापक बेबस हैं।
बिहार में स्कूल के बच्चों का गर्मी से हाल खराब है
स्कूल के बच्चों को इतनी गर्मी में पंखे भी क्या राहत देंगे। पंखे भी 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गर्म हवा दे रहे हैं। लेकिन बिहार का शिक्षा विभाग बच्चों की स्कूल की छुट्टी नहीं कर रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने भीषण गर्मी की चेतावनी पहले ही दे दी थी। लेकिन बिहार के शिक्षा विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव के के पाठक ने बच्चों की छुट्टी के कोई आदेश नहीं दिया। वहीं मौसम विभाग की भीषण गर्मी की चेतावनी के बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने समय से पहले ही बच्चों को गर्मी की छुट्टियां जारी कर दी है। जिससे बच्चों को काफी बड़ी राहत मिली है। वहीं बिहार में स्कूल के बच्चों का गर्मी से हाल खराब है।
जिसके लिए बिहार का शिक्षा विभाग कोई आदेश ही नहीं दे रहा है
वहीं बिहार के शेखपुरा, गया, बाढ़ और बेगूसराय के स्कूलों से बच्चों की भीषण गर्मी से बेहोश और अर्द्ध बेहोशी की घटना सामने आने के बाद, एक मीडिया चैनल ने जब पटना के कन्या विद्यालय में पहुंची तो स्कूल के बच्चे एसी लगाने की मांग करने लगे। लेकिन उन बच्चों को कौन यह समझा सकता था कि सभी स्कूलों में एसी लगाना तो संभव नहीं है। लेकिन स्कूलों की छुट्टी ही इस भीषण गर्मी से उन्हें निजात दिला सकती थी। जिसके लिए बिहार का शिक्षा विभाग कोई आदेश ही नहीं दे रहा है। यह बच्चों के साथ बहुत ही बड़ा अन्याय है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा
वहीं इस मामले को लेकर राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा है। तेजस्वी यादव ने कहा की बिहार में अफसरशाही इतनी हावी है कि स्कूल की टाइमिंग को लेकर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बात नहीं सुनी जाती है। तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार के सीएम इतने कमजोर क्यों हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के स्कूलों की स्थिति इस तरह की नहीं है कि बच्चे इतनी गर्मी में स्कूल में सुरक्षित रह पाएंगे। उन्होंने कहा कि 47 डिग्री के तापमान में गर्मी से बुरा हाल है। डॉक्टरों का भी मानना है कि इतनी गर्मी में बिहार के स्कूलों में बच्चे सुरक्षित नहीं रह पाएंगे। लेकिन बिहार के सीएम की बात शिक्षा विभाग नहीं सुन रहा है। सीएम के हाथ में कुछ भी नहीं है।
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