पटना, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। कहा जाता है कि कोई भी कार्य अगर मनोयोग से किया जाए तो सम्मान तो मिलता ही है और अगर यही काम लीक से हटकर किया जाए तो समाज में परिवर्तन की शुरूआत भी होती है। ऐसी ही एक पहल पटना नगर निगम द्वारा भी की जा रही है। अब पटना में मैनहोल (बड़ा नालियां) की सफाई सहित अन्य सफाई का कार्य महिला कर्मचारी कर रही हैं, यानी जो काम अबतक के इतिहास में पुरुष कर्मचारी करते आए थे अब उनकी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर आ गई है। पटना नगर निगम ने स्वच्छांगिनी नाम से महिला सफाई कर्मियों की एक यूनिट तैयार की है जो महिला सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल पेश कर रही हैं। ये महिलाएं तपती धूप में नालियों की सफाई में जुटी हैं और खुद आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। पटना नगर निगम के आयुक्त अनिमेश पराशर कहते हैं कि पटना नगर निगम ने स्च्छांगिनी योजना के तहत ऐसी पांच टीमों को पटना में स्वच्छता के अभियान में उतारने का फैसला लिया गया है। हर टीम में पांच महिला सदस्य और क्लीनिंग मशीन की यूनिट शामिल है। उन्होंने कहा कि इन टीमों के सदस्यों को पहले प्रशिक्षण दिया गया और फिर इस कार्य में उतार दिया गया। वे कहते हैं कि स्वच्छांगिनी की टीम से जुड़ी महिलाओं को दो महीने का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें ऑटोमेटिक जेट क्लीनिंग मशीन के परिचालन से लेकर गाड़ियों को चलाने तक का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य टीमें भी इस कार्य में उतारी जाएंगी। नगर निगम के अधिकारी भी बताते हैं कि महिलाएं पूरे मनोयोग और तत्परता से इसे कर रही हैं। वैसे अब इस काम का तरीका भी बदला है। पहले पुरूष सदस्य मैनहोल में अंदर प्रवेश कर बाल्टी से कचरा निकालते थे, लेकिन अब कार्य में तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। पहले दुर्घटना का बराबर भय बना रहता था। स्वच्छांगनी टीम की रानी बताती हैं कि पहले भी वे अन्य काम करती थी लेकिन उसमें आमदनी कम होती थी लेकिन अब आमदनी बढ़ गई है। उन्होंने कहा प्रशिक्षण लेने के बाद किसी भी महिला को काम में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। सभी महिलाएं काम में निपुण हैं। इधर, एक अधिकारी कहते हैं कि महिलाए पुरूषों से बेहतर काम कर रही हैं। यह नारी सशक्तीकरण की ओर बढ़ाया गया एक कदम है। अधिकारियों का मानना है कि महिलाओं द्वारा यही कार्य बिहार के लिए ही नहीं देश के लिए अनूठी पहल है। –आईएएनएस एमएनपी/एसकेपी




