नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। पाला बदलने के लिए मशहूर नीतीश कुमार पर सबकी नज़र टिकी है कि कहीं चुनाव से पहले वो फिर से यू-टर्न न मार लें। इस बीच मणिपुर से खबर आई कि राज्य में JDU सरकार से समर्थन वापस ले रही है। JDU के प्रदेश अध्यक्ष केएस बीरेन सिंह की तरफ से राज्यपाल ला गणेशन को लिखी एक चिट्ठी सामने आई। इस चिट्ठी में उन्होंने सरकार से पार्टी का समर्थन वापस लेने की बात कही थी और लिखा था कि विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक विपक्ष के साथ बैठेंगे। हालांकि, खबर आते ही नीतीश कुमार हरकत में आए और उन्होंने केएस बीरेन को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया और सफाई दी कि जेडीयू बिहार में, केंद्र में और मणिपुर में बीजेपी सरकार के साथ है। बता दें कि मणिपुर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार चल रही है।
2022 में पांच विधायक BJP में हो गए थे शामिल
मणिपुर में साल 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में जेडीयू ने छह सीटों पर जीत हासिल की थी। इन छह में से पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे। पाला बदलने वाले विधायकों में थगजाम अरुण कुमार, एएम खौटे, एन सनाटे, केएच जॉयकिशन और मोहम्मद अछबुद्दीन शामिल थे। विधानसभा में मोहम्मद अब्दुल नासिर पार्टी में विपक्ष के विधायकों के साथ बैठेंगे।
Manipur JDU Chief को पद से हटाया
समर्थन वापस लेने की खबर आते ही जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रसाद रंजन ने साफ किया कि पार्टी बीजेपी के साथ है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने इस मामले का संज्ञान ले लिया है। पार्टी की मणिपुर यूनिट के अध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया गया है। हमने NDA को समर्थन दिया है और भविष्य में भी मणिपुर की NDA सरकार को हमारा समर्थन जारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि राज्यपाल को पत्र लिखने से पहले मणिपुर JDU अध्यक्ष ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को कॉन्फिडेंस में नहीं लिया था।
पाला बदलने में माहिर नीतीश कुमार
2013 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के बाद जेडीयू ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद जेडीयू ने बिहार में राजद और कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाया, लेकिन 2017 में फिर से बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। अगस्त 2022 में जेडीयू ने एक बार फिर बीजेपी से गठबंधन तोड़ दिया और इसे बीजेपी की “साजिश और दबाव की राजनीति” करार दिया। इसके बाद जेडीयू ने राजद, कांग्रेस और अन्य दलों के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन सरकार बनाई।
वर्तमान में बिहार में जेडीयू-बीजेपी सरकार
फिलहाल बिहार में जेडीयू और बीजेपी के गठबंधन की सरकार चल रही है, लेकिन मणिपुर में जेडीयू के इस फैसले से आने वाले समय में दोनों दलों के संबंधों पर असर पड़ सकता है। मणिपुर की राजनीति में जेडीयू के इस कदम को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।





