नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च धार्मिक अदालत बताते हुए 15 जनवरी को होने वाली बैठक का लाइव टेलीकास्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वह एक विनम्र सेवक के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे और संगत के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ अपना पक्ष रखना चाहते हैं।
”श्री अकाल तख्त साहिब से बड़ी कोई अदालत नहीं है”
8 जनवरी को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से बड़ी कोई अदालत नहीं है और वह वहां से आने वाले हर फैसले को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह अपने पक्ष में सभी तथ्य और सबूत संगत के सामने रखना चाहते हैं, ताकि किसी भी तरह का भ्रम या संदेह न रहे।
”बैठक की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए”
सीएम भगवंत मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से आग्रह किया है कि बैठक की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए। उनका कहना है कि देश और विदेश से संगत लगातार संदेश भेजकर गोलक के हिसाब-किताब और पूरे मामले की सच्चाई जानना चाहती है और यह तभी संभव है, जब प्रक्रिया पूरी तरह सार्वजनिक हो।
”झूठ बोलने वालों को अपने पुराने बयानों का बोझ ढोना पड़ता है”
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में सच और ईमानदारी पर जोर देते हुए विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच बोलने का फायदा यह है कि उसे बार-बार याद नहीं रखना पड़ता, क्योंकि सच हर जगह एक जैसा रहता है, जबकि झूठ बोलने वालों को अपने पुराने बयानों का बोझ ढोना पड़ता है।
”संगत की भावनाओं का सम्मान करते हैं”
भगवंत मान ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह स्वयं श्री अकाल तख्त साहिब जाएंगे, क्योंकि उनके लिए उससे ऊपर कोई अदालत नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि 15 जनवरी को उनका एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है, जिसमें देश के राष्ट्रपति की मौजूदगी रहेगी। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वह संगत की भावनाओं का सम्मान करते हैं और इसी कारण बैठक के लाइव टेलीकास्ट की मांग कर रहे हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सामने आ सके।





