back to top
19.1 C
New Delhi
Saturday, March 14, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

बल्ली नगर पालिका के गठन को लेकर बंगाल राज्यपाल, स्पीकर में नोकझोंक

कोलकाता, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य के विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। बनर्जी ने आरोप लगाया गया कि हावड़ा नगर निगम में निकाय चुनाव नहीं कराए जा सकते क्योंकि पूर्व में बल्ली नगर पालिका के गठन पर एक विधेयक पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया गया था। दूसरी ओर धनखड़ ने आरोप लगाया कि बनर्जी ने उनसे असंवैधानिक तरीके से बात की थीं। विवाद तब और बढ़ गया जब बनर्जी ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, हावड़ा और कोलकाता के नगर निगम चुनाव एक साथ होने वाले थे, लेकिन राज्यपाल ने विधेयक पर जल्दी हस्ताक्षर नहीं किया, इसलिए हावड़ा नगर निगम का चुनाव आयोजित नहीं हो सका। अगर वह (धनखड़) समझ जाते कि तत्काल क्या जरूरत है तो उन्होंने विधेयक पर हस्ताक्षर किए होते। स्पीकर ने यह भी पूछा कि अगर देश के राष्ट्रपति एक दिन में कृषि कानूनों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, तो राज्यपाल बल्ली नगर पालिका विधेयक पर हस्ताक्षर क्यों नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, तब राज्य दोनों निगमों का चुनाव एक साथ 19 दिसंबर को करा सकता था। स्पीकर बल्ली नगर पालिका विधेयक का जिक्र कर रहे थे जिसे विधानसभा में पूर्व बल्ली नगर पालिका के 16 वाडरें को अलग करने के लिए पेश किया गया था, जो वर्तमान में हावड़ा नगर निगम के साथ जुड़ा हुआ है। विधेयक को विधानसभा में पेश कर पारित किया गया लेकिन सरकार से और स्पष्टीकरण मांगने के लिए राज्यपाल द्वारा वापस भेज दिया गया। चूंकि बल्ली नगर पालिका का गठन खतरे में पड़ गया था, इसलिए राज्य सरकार को हावड़ा नगर निगम चुनाव स्थगित करना पड़ा और केवल कोलकाता नगर निगम चुनाव कराने पड़े। स्पष्टीकरण की मांग करते हुए प्रस्ताव को वापस राज्यपाल के पास भेज दिया गया था। स्पीकर को लिखे चार पन्नों के पत्र में, राज्यपाल ने लिखा, मैं (हावड़ा नगर निगम अधिनियम, 1980) की धारा 219 के तहत राज्य सरकार द्वारा आपत्तियों पर विचार के संबंध में सर्वोत्कृष्ट रूप से अधिकार क्षेत्र के पहलू पर यह देखने के लिए विवश हूं। अधिकारियों ने एक मनमाना, अनुचित और गैर-विवेकपूर्ण तरीके से काम किया है। धनखड़ ने सुनवाई की कार्यवाही और आपत्तियों के निर्णय से संबंधित हावड़ा नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 पर विचार करने के लिए कई दस्तावेज मांगे। राज्यपाल ने हावड़ा नगर निगम (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2015 के संबंध में राज्य सरकार द्वारा आपत्तियों पर विचार और कार्यवाही और आपत्तियों और उनके निपटान का पूरा विवरण मांगा। उन्होंने बिल के संबंध में विधानसभा की कार्यवाही की भी मांग की, जो अंतत: हावड़ा नगर निगम (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 2015 का कारण बना। उन्होंने कहा, स्पीकर संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं। मैंने संविधान का पालन करते हुए सब कुछ किया है। उन्होंने बार-बार मेरे खिलाफ असंवैधानिक रूप से बात की। –आईएएनएस एसएस/आरएचए

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories