नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान के साथ चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बड़ा आदेश दिया है। मंत्रालय ने 7 मई को सभी राज्यों को मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। 7 मई को पूरे देश में यह मॉक ड्रिल (mock drill) का आयोजन होना है। इसे लेकर तैयारियां और अभ्यास किए जा रहे है। इसी बीच,बीजेपी ने अपने पार्टियों के सांसदों को इसमें शामिल होने के निर्देश जारी किए है।
भाजपा ने सांसदों को क्या दिया निर्देश?
पार्टी के आलाकमान ने अपने सभी सांसदों और प्रतिनिधियों को इस मॉक ड्रिल के दौरान आम व्यक्ति की तरह शामिल होने के निर्देश दिए है। साथ ही पार्टी ने सभी चुने हुए जनप्रतिनिधियों को भी कहा गया है कि 7 मई को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। इसके अलावा, पार्टी ने कहा कि समय के दौरान यदि कोई सांसद अपने क्षेत्र में मौजूद नहीं है, तो दूसरे प्रतिनिधि आम लोगों के बीच अवश्य मौजूद रहें।
क्यों हुई केंद्रीय गृह सचिव के साथ अधिकारियों की बैठक?
बता दें कि, 7 मई को देश भर में मॉक ड्रिल का आयोजन होना है, ऐसे में केंद्रीय गृह सचिव ने एक बैठक की। गृह मंत्रालय में हुई इस बैठक में सिविल डिफेंस (Civil Defence) और NDRF समेत कई उच्च अधिकारी शामिल हुए। इस मीटिंग के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने कहा, “हम तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। जिन खामियों को दूर किया जाना है, उनकी पहचान कर ली गई है।”
मॉक ड्रिल होता क्या है?
मॉक ड्रिल अर्थात युद्ध की स्थिति जैसे हालात होने से पहले एक सैन्य अभ्यास की तरह होता है। जो युद्ध के समय हर आपात और कठिन स्थिति में निपटने की प्रेक्टिस की जाती है। अक्सर सुरक्षा बल आग लगने, प्राकृतिक आपदा (बाढ़, भूकंप आदि) या फिर आतंकवादी हमले से निपटने के लिए मॉक ड्रिल करते हैं। तमाम सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस आदि समय-समय पर मॉक ड्रिल करते रहते हैं।




