नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बरेली में हालात अचानक बिगड़ गए। ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करने लगे। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने विरोध का ऐलान किया था। पुलिस-प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था, लेकिन भीड़ के उग्र होने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
क्या हुआ बरेली में?
जुमे की नमाज के बाद सैकड़ों लोग पोस्टर-बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। श्यामगंज इलाके में प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई। भीड़ ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। नौमहला मस्जिद और आसपास के इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुबह से ही इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर छावनी में बदल दिए गए थे। हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात था। श्यामगंज मंडी रोड पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन नमाज के बाद भीड़ अचानक बेकाबू हो गई।
मौलाना तौकीर रजा का बयान
मौलाना तौकीर रजा ने कहा था कि अगर मुसलमानों के साथ अन्याय नहीं रुका तो हालात गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। रजा ने यहां तक कहा कि जनता का आक्रोश सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। भीड़ के पथराव करने पर पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोग मौके से भाग खड़े हुए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च कराया और कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगी। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन बरेली में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
कौन है मौलाना तौकीर रजा?
कहा जा रहा है कि मौलाना तौकीर रजा के बुलाने पर लोग इकट्ठा हुए थे। बता दें, रजा इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष है। इन पर 2010 में बरेली में दंगा करवाने का भी आरोप है, मामला अभी कोर्ट में है।





