चंडीगढ़, 17 सितम्बर (आईएएनएस)। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को प्रतिबंधित गैरकानूनी संघ सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के एक अलगाववादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और छापेमारी में इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सिख जनमत संग्रह 2020 को आगे बढ़ाने के अलावा, पंजाब में अलगाव और हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देने में शामिल होने के लिए जुलाई 2019 में भारत सरकार द्वारा एसएफजे पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उनकी गतिविधियों का उद्देश्य समुदायों के बीच विभाजन पैदा करना और पंजाब राज्य में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना था। गिरफ्तार लोगों की पहचान खन्ना के रामपुर निवासी गुरविंदर सिंह और रोपड़ के मोरिंडा निवासी जगविंदर सिंह और सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने एसएफजे नेताओं गुरपतवंत सिंह पन्नू, हरप्रीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरसहाय माखू के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खन्ना के रामपुर गांव में छापेमारी की और रेफरेंडम 2020 गतिविधियों वाले 2.84 लाख से अधिक पर्चे बरामद किए हैं। पुलिस ने दीवारों पर अलगाववादी लिखने के लिए एक कैनन प्रिंटर, स्प्रे पंप और स्प्रे बोतल, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक होंडा सिटी कार भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच के दौरान, यह पाया गया है कि आरोपी गुरविंदर सिंह को जे.एस. धालीवाल, जिन्होंने आगे उसे पन्नू से मिलवाया। प्रवक्ता ने बताया कि पन्नू के निर्देश पर गुरविंदर ने अपने गांव के सरकारी स्कूल परिसर में खालिस्तानी झंडे लगाए थे। –आईएएनएस एचके/एएनएम




