नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। 13 अगस्त को बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ हुए यौन शोषण की खबर जैसे ही 16 अगस्त को सामने आई तभी से बवाल मचा हुआ है। यह घटना तब सामने आई जब 16 अगस्त को एक बच्ची ने अपने साथ हुए कृत्य को अपने परिवार को बताया। घटना के संज्ञान में आते ही लोग रेलवे ट्रैक पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल में भी तोड़ फोड़ की गई है। पुलिस ने एहतियातन इंटरनेट बंद कर दिया है और अराजक तत्वों के खिलाफ कार्यवाई की है।
अराजक तत्वों से सख्ती से निपटने के आदेश
बच्चियों से यौन शोषण का मामला सामने आते ही लोगों का गुस्सा देखने को मिला। देखते ही देखते विरोध इतना हिंसक हो गया कि 12 एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के रूट में बदलाव करना पड़ा, जबकि 30 लोकल ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। सरकार और ठाणे प्रशासन इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नही है, लिहाजा उपद्रव फैलाने के आरोप में ठाणे पुलिस ने 300 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जबकि 40 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस आज इन उपद्रवियों को कोर्ट में पेश करेगी।
स्कूल प्रशासन पर उठ रहे हैं सवाल
बच्चियों के अभिभावकों का आरोप है कि लडकियों के टॉयलेट की साफ सफाई के लिए महिला सफाईकर्मी क्यों नही थी। पुलिस सूत्रों ने प्राथमिक जांच में यह भी पाया कि स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे। हालांकि दवाब के चलते स्कूल मैनेजमेंट ने प्रिंसिपल, क्लास टीचर और महिला अटेंडेंट को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीएम शिंदे ने प्रदर्शन के बताया विपक्ष की साजिश
घटना के बाद से ही महाराष्ट्र सीएम शिंदे लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं। उन्होनें अपने ताजा बयान में आरोप लगाया कि- ‘हिंसक प्रदर्शन विपक्षी पार्टियों की साजिश के तह्त किया गया था, हिंसा फैलाने के पीछे विपक्ष का हाथ है।’





