नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के हाथरस में भगदड़ के कारण 121 लोगों की मौत हो गई। अब भगदड़ हादसे के बाद इस मामले का खुलासा होते जा रहा है। आज 5 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने हाथरस हादसे के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जिसके बाद पीड़ित परिवार की एक महिला सदस्य ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी हम लोगों से मिलने के लिए आए थे। हमने राहुल गांधी को हाथरस हादसे की पूरी घटना को बताया।
मेरे चरणों की धूल ले जाओं
महिला ने बताया कि जब भोले बाबा जा रहे थे, तो उन्होंने कहा था कि मेरे चरणों की धूल ले जाओं। भोले बाबा के चरणों की धूल लेने की चक्कर में लोग एक दूसरे के ऊपर चलते चले गए। जिससे भगदड़ मच गई। पता ही नहीं चल पाया कि कौन किसके ऊपर गिर गया और किसकी जान चली गयी। महिला ने बताया कि जब इस हादसे की खबर मिली तो तब हम मां को ढूढ़ने गए। जब मां को ढूढ़ रहे थे तो उनका शव हमें कीचड़ में लिपटे हुए मिला। महिला ने बताया कि जब वे अपनी मां को ढूढ़ रहे थे तो उनको लाशों के ढेर में कूदने का अहसास हुआ।
तो भोले बाबा इस मामले में सबसे बड़े दोषी होंगे
महिला ने बताया कि घर की रोजी रोटी का एकमात्र सहारा उनकी मां ही थी। महिला के भाइयों का बोरियों का काम सही नहीं चल रहा है। महिला ने बताया कि उनकी मां ही अस्पताल से जो पैसा कमा कर लाती थी उससे ही उनका घर चलता था। राहुल गांधी के अलीगढ और हाथरस जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद इस हादसे से जुड़े मामले की परत खुलती हुई दिखाई दे रही है।
अगर महिला की बात एकदम ठीक है तो भोले बाबा इस मामले में सबसे बड़े दोषी होंगे। महिला के दावें के अनुसार भोले बाबा ने कहा था कि बाबा के चरणों की धूल से भक्तों के दुख दूर हो जायेंगे। अगर महिला की बात में सच्चाई है तो इस बात की पूरी जांच होनी चाहिए। वहीं राहुल गांधी ने हाथरस भगदड़ हादसे के पीड़ित परिवार को अधिक से अधिक मुआवजे देने की अपील उत्तर प्रसरकार से की है।
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