नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली में आज और कल सभी ऑटो ड्राइवरों और टैक्सी वालों की हड़ताल रहेगी। ये लोग ओला और ऊबर सहित एप बेस्ड कैब सर्विस के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं। इस हड़ताल में 15 यूनियन शामिल हैं। इन लोगों का कहना है कि इनका कमाई पर असर हो रहा है और ये ऐप बेस्ड कैब सर्विस के प्रतिकूल प्रभाव का विरोध कर रहे हैं।
पिछले कई सालों से की जा रही है शिकायत
IANS की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के प्रेसीडेंट किशन वर्मा ने बताया कि पिछले कई सालों से हम ओला और ऊबर को लेकर सरकारों विभागों को लिख रहे हैं। यह कंपनियां अपनी साइड से और सरकार अपनी साइड से बोलती है। यह लोग डोनेशन का खेल खेलते हैं और सरकार इसमें शामिल होती है। हम इस खेल का अंत चाहते हैं।
ओला और ऊबर वाले कमीशन लेते हैं
उन्होंने आरोप लगाया कि ओला और ऊबर अवैध गतिविधियों जैसे शराब और ड्रग बेचने और स्मगलिंग में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कंपनियां अपनी ट्रिप पर 45 प्रतिशत कमीशन लगाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें कुछ नहीं मिल रहा है। सड़को पर ईरिक्शा और प्राइवेट नंबर प्लेट के साथ बाइक ही दिखाई देती हैं।
करीब 400000 ऑटो टैक्सी वाहनों की थमी रफ्तार
इस हड़ताल के दौरान ऑटो, काली-पीली टैक्सी, रेडियो टैक्सी और ऑल इंडिया टूरिस्ट पर्मिट वाली टैक्सी राजधानी दिल्ली की सड़कों पर चलती नहीं दिखेंगी।
हड़ताल कर्मी यह चाह रहे हैं कि ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों की नौकरी सुरक्षित रखने के लिए सरकार इस मसले में हस्तक्षेप करे। इस हड़ताल के तहत करीब 400,000 वाहन नहीं चलेंगे। हड़ताल कर रहे यूनियन और ऑटो टैक्सी ड्राइवर कल 22 अगस्त को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।
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