नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । फरवरी 2024 में एक फिल्म ‘छावा’ (Chhawa) आई थी जो कि संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। छावा फिल्म की रिलीज के बाद मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ गई। मामला ज्यादा गरमाता गया और खुल्दाबाद में औरंगजेब का मकबरा गिराने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हुए और नागपुर में हिंसा भड़क उठी थी।
वही, औरंगजेब को लेकर समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आजमी ने एक विवादित बयान दिया था। उनके इस बयान के बाद सूबे कि सियासत में भूचाल आ गया था। आजमी के खिलाफ कई शहरों में केस दर्ज किए गए। और उनके खिलाफ प्रदेश भर में विरोध-प्रदर्शन हुए। जहां नागपुर में हिंसक भड़प, आगजनी और पत्थराव की घटना भी सामने आई थी।
औरंगजेब को कांग्रेस विधायक ने बताया पवित्र व्यक्ति
लेकिन अब तीन महीने बीत जाने के बाद एक फिर महाराष्ट्र में औरंगजेब को लेकर बहस का नया दौर शुरू होता दिख रहा है। मालेगांव सीट से कांग्रेस के विधायक रहे आसिफ शेख ने औरंगजेब को बहुत पवित्र व्यक्ति बता दिया है। पूर्व विधायक आसिफ शेख का कहना है कि औरंगजेब बहुत पवित्र व्यक्ति था। औरंगजेब को केवल राजनीति के लिए बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने टोपी सिलकर दो वक्त का खाना कमाया, खाना खाया।
औरंगजेब को बदनाम कर वोट हासिल किए
कांग्रेस नेता आसिफ शेख ने यह भी कहा कि औरंगजेब एक ऐसा व्यक्ति था, जो सभी धर्मों का सम्मान करता था। और सद्भाव से पेश आता था। औरंगजेब को बदनाम कर उसके नाम पर वोट हासिल करना और राजनीति करना, महाराष्ट्र में इस समय यही चल रहा है।
कांग्रेस छोड़ NCP में गए, अब किसी भी पार्टी में नहीं
गौरतलब है कि, आसिफ शेख कांग्रेस के टिकट पर मालेगांव सीट से विधायक रहे हैं। बाद में वह कांग्रेस छोड़ शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हो गए थे। आसिफ शेख NCP में भी अधिक समय तक नहीं रहे और पार्टी छोड़ दी। फिलहाल वह किसी भी राजनीतिक पार्टी में नहीं जुड़े हैं।




