नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। Tirupati Laddu Controversy तिरुपति मंदिर के प्रसाद को बनाने में उपयोग होने वाले घी में चर्बी मिलने का मामला अभी ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है। इसको लेकर लगातार सियासी बयानबाजी हो रही है। एक तरफ जहां सीएम चंद्रबाबू नायडू और BJP, पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साध रहे हैं। तो वहीं जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP मुख्यमंत्री पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले में अब AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी बयान दिया है।
तिरुपति मंदिर मामले के बहाने BJP पर साधा निशाना
बुधवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि तिरुपति मंदिर के प्रसाद में एनिमल फैट मिलने पर बवाल हुआ है। अगर ऐसा सच में हुआ है तो ये सरासर गलत है। हम मानते हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिये था। हालांकि तिरुपति मंदिर मामले के बहाने उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा।
मुसलमानों की जमीन हड़पना चाहती है केंद्र सरकार- ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि तिरुपति मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि तिरुमला ट्रस्ट में हिंदू धर्म के लोगों की जगह अन्य धर्म के लोगों को बैठाया गया। बीजेपी कुछ ऐसा ही वक्फ बोर्ड बिल को लेकर कर रही है। जिसमें मुसलमानों के अलावा दूसरे धर्मों के लोगों को लाया जा रहा है। क्या वो गलत नहीं है? ओवैसी ने केंद्र की सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार मुसलमानों की जमीन हड़पना चाहती है।
वक्फ में भी अन्य धर्मों की तरह जमीनें की जाती हैं दान
ओवैसी ने मीडिया को संबोधित करते हुए आगे कहा कि यह प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है कि वक्फ बोर्ड के पास 10 लाख एकड़ जमीन है। बीजेपी अफवाह फैला रही है कि वक्फ एक सरकारी प्रॉपर्टी है, जबकि वक्फ की प्रॉपर्टी प्राइवेट प्रॉपर्टी है। जैसे अन्य धर्मों में जमीनें दान में दी जाती हैं, वैसे ही वक्फ में भी जमीन दान में दी जाती है।
BJP और RSS के लोग वक्फ बोर्ड के खिलाफ कर रहे झूठा प्रचार
AIMIM प्रमुख ने पीएम मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा या विकास करने के लिए नहीं बल्कि वक्फ को खत्म करने के लिए यह बिल पेश किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोग वक्फ बोर्ड के खिलाफ झूठा प्रचार फैला रहे हैं।




