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Sunday, April 5, 2026
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Army Day 2026: पीएम मोदी ने सेना को किया सलाम, जानिए 15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है सेना दिवस

आज 15 जनवरी को पूरे देश में सेना दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को नमन किया है।

 नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज 15 जनवरी को पूरे देश में सेना दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को नमन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का साहस और समर्पण हर देशवासी के लिए गर्व का विषय है और देश की सुरक्षा में जवानों की भूमिका अतुलनीय है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सेना दिवस के अवसर पर विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा,“दुर्गम पहाड़ों से लेकर बर्फ से ढकी चोटियों तक हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम हर देशवासी को गौरवान्वित करता है। सरहद की सुरक्षा में डटे जवानों का हृदय से अभिनंदन। पीएम मोदी ने संस्कृत श्लोक के माध्यम से भी सैनिकों के साहस और विजय की कामना की।

निस्वार्थ सेवा और अदम्य साहस का प्रतीक है भारतीय सेना

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिक निस्वार्थ सेवा, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के प्रतीक हैं। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी वे डटे रहकर मातृभूमि की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जवानों का साहस और दृढ़ संकल्प पूरे देश में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है। पीएम मोदी ने उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ऐसे वीर सपूतों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद करता रहेगा।

15 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसका कारण यह है कि 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला था। उन्होंने ब्रिटिश जनरल एफ. आर. आर. बुचर की जगह यह जिम्मेदारी ली थी। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में सेना दिवस मनाया जाता है। सेना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न सैन्य प्रतिष्ठानों में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वीरता सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए सेना की ताकत, अनुशासन और परंपराओं को प्रदर्शित किया जाता है। साथ ही शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है और युवाओं में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया जाता है।

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