नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । हाल ही में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधानसभा में विपक्ष पर तंज कसते हुए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) का एंथम गाया था। डीके शिवकुमार के इस गान के बाद राज्य की सियासत में बवाल मच गय था। राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया और कयास लगने लगे कि डीके शिवकुमार भाजपा में शामिल हो सकते है। क्योंकि कर्नाटक में सीएम की कुर्सी को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच पहले भी मतभेद की खबर आई थी।
लेकिन इस पर उठे विवाद को लेकर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार (26 अगस्त 2025) को मीडिया से बातचीत की और स्थिति स्पष्ट की। साथ ही अपना पक्ष भी रखा। शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने यह गान RSS की प्रशंसा करने के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी नेता आर. अशोक को आड़े हाथों लेने के लिए गाया था।
मेरा बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया गया- डीके शिवकुमार
डीके शिवकुमार ने मीडिया से कहा कि, अगर उनकी टिप्पणी से किसी को ठेस पहुँची है तो वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के माफी मांगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके और जनता के बीच भ्रम फैलाया जा सके।
कांग्रेस राजनीतिक आस्था का केंद्र- डीके शिवकुमार
डीके शिवकुमार ने इस विवाद पर सफाई देते हुए गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा कि, गांधी परिवार पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। मैं जन्मजात कांग्रेसी हूं और कांग्रेसी ही मरूंगा। शिवकुमार ने गांधी परिवार को अपनी राजनीतिक आस्था का केंद्र बताया और कहा गांधी परिवार ही मेरा भगवान है और मैं उनका भक्त हूं।
निष्ठा और राजनीतिक संघर्षों को किया याद
डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा दर्शाते हुए अपने कठिन संघर्षो को याद कर कहा कि, एक बार जब सरकार संकट में थी तब उन्होंने लगभग 200 विधायकों को एकजुट किया। तिहाड़ जेल में बिताए समय और ईडी मामलों के बावजूद भी उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा, यह साबित करता है कि उनकी निष्ठा अडिग है।
डीके शिवकुमार कांग्रेस को दिया संदेश
डीके शिवकुमार का बयान कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके शब्दों ने कांग्रेस में उनकी केंद्रीय भूमिका और गांधी परिवार के प्रति अटूट वफादारी को उजागर किया। साथ ही यह साफ संदेश भी दिया कि किसी भी विवाद के बावजूद वह पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।





