नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जांच एजेंसियों के लिए तेजी से अंतरराष्ट्रीय सहायता की सुविधा के लिए ‘भारतपोल’ पोर्टल लॉन्च किया। अब अपराधी देश में छिपे हों या फिर विदेश भाग गए हों, भगोड़े आतंकवादियों और अपराधियों की जानकारी राज्यों की पुलिस सीधे इंटरपोल से ले सकेगी। शाह ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारतीय जांच एजेंसियां भगोड़ों को पकड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करें। शाह ने पोर्टल को सीमाहीन अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक वैश्विक इंटरफेस बताया।
भारत मंडपम में ‘भारतपोल’ के शुभारंभ पर बोलते हुए अमित शाह ने रेखांकित किया कि वास्तविक समय इंटरफ़ेस केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा विकसित पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता थी। उन्होंने कहा कि यह केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को इंटरपोल से आसानी से जुड़ने और अपनी जांच में तेजी लाने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके अपराध करने के बाद भारत से फरार होने वाले भगोड़ों को पकड़कर न्याय के कटघरे में खड़ा करें। हमें वैश्विक चुनौतियों पर नज़र रखनी होगी और अपनी आंतरिक प्रणालियों को अपडेट करना होगा। भारतपोल इसी दिशा में एक कदम है।”
भारतपोल भारतीय जांच एजेंसियों की किस तरह मदद करेगा?
अमित शाह ने कहा कि नया पोर्टल केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों को इंटरपोल के 195 सदस्य देशों से अपने मामलों की जानकारी साझा करने और प्राप्त करने की अनुमति देगा। पिछले साल मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए आपराधिक कानून यह सुनिश्चित करेंगे कि भगोड़ों और फरार लोगों के खिलाफ बेहतर तरीके से मुकदमा चलाया जाए। उन्होंने कहा, “मैं सीबीआई से आग्रह करूंगा कि वह भारतपोल और तीन नए आपराधिक कानूनों के बारे में क्षमता निर्माण के लिए राज्यों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी ले। हमें विभिन्न प्रकार के इंटरपोल नोटिस और उनकी प्रक्रियाओं के ज्ञान के साथ-साथ इन प्रणालियों को संस्थागत बनाने की आवश्यकता है।” लॉन्च से पहले शाह ने कहा था, “यह मोदी सरकार के सभी के लिए सुरक्षित भारत बनाने के सपने को पूरा करने के लिए उनकी वैश्विक पहुंच को बढ़ाकर हमारी जांच एजेंसियों को एक नई धार देगा।”
भारतपोल इंटरपोल से कैसे जुड़ेगा?
दरअसल, देश से फरार अपराधियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए राज्य पुलिस या केंद्रीय एजेंसियों को अक्सर इंटरपोल की मदद लेनी पड़ती है। किसी राज्य की पुलिस सीधे विदेशी एजेंसियों से संपर्क नहीं कर सकती, जिससे उसे सीबीआई की सहायता लेनी होती है। इसके बाद CBI इंटरपोल से सहयोग मांगती है। यह प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें समय भी अधिक लगता है। वर्तमान में साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन कट्टरपंथ, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों के बढ़ने के साथ तेज और अधिक कुशल अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता बढ़ रही है। जिसके बाद CBI द्वारा भारतपोल पोर्टल शुरू किया गया है। जो इंटरपोल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सहायता के लिए अनुरोधों को सुव्यवस्थित करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें रेड नोटिस और अन्य रंग-कोडित अलर्ट जारी करना शामिल है। यह इनोवेटिव टूल क्षेत्र-स्तरीय पुलिस अधिकारियों को सशक्त बनाएगा, जिससे वे जटिल अपराधों और सुरक्षा चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान कर सकेंगे।
जानें भारतपोल के बारे में
वास्तविक समय में सूचना साझा करेगा
यह प्लेटफ़ॉर्म भारत और वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचनाओं के तेज और अधिक प्रभावी साझाकरण को सक्षम बनाता है। भारतपोल आपराधिक जांच से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय अनुरोधों को प्रोसेस्ड करने के लिए एक एकीकृत प्रणाली देता है, जिसमें रेड नोटिस और अन्य इंटरपोल नोटिस जारी करना शामिल है।
सुव्यवस्थित संचार
यह पोर्टल CBI, इंटरपोल संपर्क अधिकारियों (ILO) और यूनिट अधिकारियों (UO) के लिए तेज़, डिजिटल संचार समाधान प्रदान करता है जो पत्र, ईमेल और फैक्स जैसी पुरानी तकनीकों की जगह लेता है। यह पोर्टल अंतर्राष्ट्रीय सहायता में तेजी लाकर साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, मानव तस्करी और संगठित अपराध जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में सहायता करता है।
बेहतर सहयोग और फास्ट रिएक्शन
यह केंद्रीय, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देता है, जिससे पुलिस निकायों के बीच निर्बाध संचार की सुविधा मिलती है। पोर्टल अंतर्राष्ट्रीय सहायता अनुरोधों के लिए प्रसंस्करण समय को काफी कम कर देगा जिससे वैश्विक आपराधिक खतरों का जवाब देने की भारत की क्षमता में सुधार होगा।
क्षेत्र-स्तरीय अधिकारियों को सशक्त बनाना मकसद
भारतपोल क्षेत्र-स्तरीय पुलिस अधिकारियों को सशक्त बनाता है क्योंकि यह उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सहायता तक बेहतर पहुँच के साथ अपराधों और सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस करता है। इसके अलावा इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में समन्वय में सुधार करना है।




