नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। इस हमले में 26 हिंदू पर्यटकों की जान गई, जिसे देश की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा हमला माना जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर सख्त निर्देश दिए हैं कि उनके राज्यों में जो भी पाकिस्तानी नागरिक मौजूद हैं, उन्हें खोज-खोजकर वापस भेजा जाए। इसके अलावा आगे की रणनीति भी साझा की गई है ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
गृह मंत्रालय ने रद्द किए सभी 17 प्रकार के वीजा
भारत सरकार ने पाकिस्तान से जुड़े सभी 17 प्रकार के वीजा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इससे पहले सरकार ने सार्क वीजा को रद्द किया था, लेकिन अब बाकी सभी वीजा जैसे टूरिस्ट, मेडिकल, स्टूडेंट, बिजनेस आदि को भी रद्द कर दिया गया है। भारत ने अटारी-वाघा बॉर्डर को भी बंद करने का फैसला लिया है। पाकिस्तान से भारत आए नागरिकों को 1 मई तक का समय दिया गया है कि वे लौट जाएं। वहीं भारत और पाकिस्तान के हाई कमीशन में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 50 से घटाकर 30 कर दी गई है।
NHRC ने की हमले की निंदा, सरकार से जांच की मांग
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है। आयोग ने सरकार से हमले की गहराई से जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को सहायता देने को भी कहा गया है।
धर्म पूछ-पूछकर की गई हत्या: आतंकी हमले की खौफनाक कहानी
इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और जो हिंदू निकले, उन्हें गोली मार दी। हमले में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और हरियाणा के टूरिस्ट मारे गए।




